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पीएम मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने प्रचंड जीत दर्ज करते हुए पिछली बार से भी बड़ा बहुमत हासिल किया है. वित्त मंत्रालय ने मोदी सरकार लिए 100 दिनों का एजेंडा तैयार कर लिया है. इसके पीछे मकसद अर्थव्यवस्था को रफ्तार देना है. 2018-19 में अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर घटकर 6.6 प्रतिशत पर आ गई है. 100 दिन का एजेंडा बाजार में डिमांड बढ़ाने, इनकम टैक्स की दरों में बदलाव, जीएसटी के नियमों को आसान करने पर फोकस होगा. अंतरिम बजट में की गई घोषणा के अनुसार आयकर के संदर्भ कर स्लैब या कर दर में बदलाव पर फैसला संभवत: जुलाई में 2019-20 के अंतिम बजट में किया जाएगा. 

सरकार की नई पहल

स्वास्थ्य और फार्मा मंत्रालय ने भी 100 दिनों का एजेंडा तैयार किया है. मोदी सरकार सभी दवाओं को सस्ता करने के लिए अलग फार्मूला लाएगी. एजेंडा में इंडियन हेल्थ सर्विसेज का गठन, IAS,IPS की तर्ज पर ऑल इंडिया सर्विस, मेडिकल शिक्षा में भ्रष्टाचार रोकने की पहल और नेशनल मेडिकल कमीशन बिल लाने की योजना है.

दूसरे टर्म में बना रहेगा GDP का ग्रोथ रेट
विश्लेषकों का मानना है कि एनडीए का इतनी शानदार जीत की ओर बढ़ना इस बात का संकेत है कि देश की मैक्रो इकोनॉमिक पॉलिसी अगले पांच साल तक जारी रहेगी. ब्रोकरेज और अर्थशास्त्रियों ने गुरुवार को आए नतीजों को देखकर कहा कि इस टर्म में जीडीपी यानी सकल घरेलू उत्पाद की वार्षिक वृद्धि दर औसत बनी रहेगी. लेकिन विश्लेषकों ने ये भी चेताया कि नई सरकार के सामने मुख्य चुनौती आर्थिक सुधारों को जारी रखने की होगी.