सतीश पूनिया ने गहलोत सरकार पर साधा निशाना, कहा- निकाय चुनावों को लेकर आशंकित है कांग्रेस

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भरतपुर. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया (Satish Poonia) निकाय चुनावों (civic elections) को लेकर आज भरतपुर दौरे पर रहे. इस दौरान सतीश पूनिया ने कहा कि राज्य सरकार (State government) निकाय चुनावों को लेकर आशंकित है और इसी को लेकर सरकार ने चुनाव कराने के लिए बार-बार फैसले बदले हैं. पूनिया ने कहा कि जहां 2011 के आधार पर बीजेपी सरकार(BJP government) ने सीमांकन करा दिया था, लेकिन आशंकित होकर राज्य की कांग्रेस सरकार ने फिर से सीमांकन कराया, ताकि जाति और मजहब के आधार पर वह चुनाव जीत सके.

गहलोत सरकार के कार्यकाल में विकास हुआ ठप- सतीश पूनिया

सतीश पूनिया ने गहलोत सरकार (Gehlot government) पर निशाना साधते हुए कहा कि 63 साल के इतिहास में पहली बार हो रहा है, जब निकाय चुनाव परिणाम आने की एक सप्ताह बाद मेयर सभापति के चुनाव कराए जा रहे हैं. पूनिया ने कहा कि शहरी निकाय चुनावों में स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ राष्ट्रीय मुद्दे भी शामिल होते हैं. उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार के 11 महीने के कार्यकाल में प्रदेश में विकास ठप हो गया है और कानून व्यवस्था को पूरी तरह से बिगड़ गई है.

कांग्रेस को अपने विधायकों पर विश्वास नहीं- सतीश पूनिया 

सतीश पूनिया ने राम मंदिर मुद्दे पर कहा कि राम मंदिर राजनीतिक मुद्दा नहीं है आस्था और विश्वास से राम मंदिर (ram mandir) जुड़ा हुआ है. उच्चतम न्यायालय ने संतुलित फैसला दिया है और देश की जनता अभिनंदन की पात्र है. उन्होंने महाराष्ट्र में नवनिर्वाचित कांग्रेस के विधायकों को जयपुर रखने पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को अपने विधायकों पर विश्वास नहीं है कि वह कहीं टूट नहीं जाए इसलिए उनको जयपुर शिफ्ट किया गया है.

सीएम अशोक गहलोत नेहरू खानदान को खुश करने के लिए बयान देते हैं- सतीश पूनिया 

सतीश पूनिया ने सोनिया गांधी (sonia gandhi) और राहुल गांधी (rahul gandhi) के पास से एसपीजी सुरक्षा को हटाने पर कहा कि सबसे ज्यादा सुरक्षा की जरूरत तो बीजेपी के गृह मंत्री अमित शाह (amit shah) को है, लेकिन वह भी जेड प्लस से काम चला रहे हैं, जबकि राहुल गांधी को एसपीजी की सुरक्षा थी और उन्होंने 156 दौरों के दौरान 143 बार एसपीजी को साथ नहीं लिया और सुरक्षा एजेंसियों के कहने के बावजूद भी प्रोटोकॉल को तोड़ा है. उन्होंने कहा कि सीएम अशोक गहलोत नेहरू खानदान को खुश करने के लिए बयान देते हैं.