निकाय चुनाव: बीकानेर, उदयपुर और भरतपुर में BJP ने मारी बाजी, कांग्रेस पिछड़ी

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जयपुर. स्थानीय निकाय चुनाव (Local body elections) में ऑवर ऑल भले ही कांग्रेस (Congress) ने बढ़त ले ली हो, लेकिन तीनों नगर निगमों में वह बीजेपी (BJP) से पिछड़ गई. निकाय चुनाव के इस पहले चरण में 49 निकायों में उदयपुर(Udaipur), बीकानेर (Bikaner) और भरतपुर नगर निगम (Bharatpur Municipal Corporation) भी शामिल रहा है. इनमें उदयपुर और बीकानेर में बीजेपी को स्पष्ट बहुमत (Clear majority) मिल गया है, वहीं भरतपुर में बीजेपी और निर्दलीय बराबरी (BJP and independents equal) पर रहे हैं. यहां कांग्रेस दूसरे नंबर पर रही है. अब इन निगमों मेयर पद के लिए बीजेपी में अंदरुनी राजनीति (Internal politics) तेज हो गई है.

उदयपुर में महापौर का नाम हुआ तय !
उदयपुर नगर निगम के सभी 70 वार्डों का परिणाम जारी हो गया है. यहां 43 वार्डों में बीजेपी, 20 में कांग्रेस और 7 पर अन्य प्रत्याशी विजयी हुए हैं. यहां महापौर पद के लिए जीएस टांक का नाम सबसे आगे है. बताया जा रहा है उनके नाम की सिर्फ औपचारिक घोषणा होनी बाकी है. नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया उनके नाम का पहले संकेत दे चुके हैं. हालांकि पार्षदों से बैठक करने के बाद औपचारिक घोषणा होगी. टांक आएसएस की पसंद हैं. वे आरपीएससी के चेयरमैन भी रह चुके हैं.

बीकानेर में बीजेपी में अंदरुनी राजनीति जोरों पर

बीकानेर नगर निगम के 80 वार्डों के भी परिणाम जारी हो गए हैं. यहां भी बीजेपी ने स्पष्ट बहुमत प्राप्त कर लिया है. बीकानेर में बीजेपी ने 38 वार्डों में जीत का परचम फहराया है. वहीं कांग्रेस 30 वार्डों में जीत पाई है. 11 वार्डों में निर्दलीय जीते हैं. 1 वार्ड में बसपा प्रत्याशी ने जीत दर्ज कराई है. यहां बीजेपी में मेयर पद के लिए दावेदारों ने जोर आजमाइश शुरू कर दी है. पार्टी ने पार्षदों की बाड़ेबंदी पहले से ही कर रखी है.

भरतपुर में बीजेपी-कांग्रेस और निर्दलियों में जोर आजमाइश
भरतपुर नगर निगम में परिणाम अलग तरीके के आए हैं. यहां कुल 65 वार्डों में से 22-22 पर बीजेपी और निर्दलियों ने कब्जा जमाया है. वहीं कांग्रेस 18 वार्डों में सिमटकर रह गई है. यहां 3 वार्डों में बसपा ने अपना खाता खोला है. यहां कांग्रेस से मेयर पद के दावेदार सुरेश यादव 98 मतों से निर्दलीय प्रत्याशी नरेश से चुनाव हार गए. हार के बाद यादव पुनः मतगणना के लिए अड़ गए थे. बाद में उन्होंने पुन: मतगणना के लिए आवेदन किया. लेकिन पुनः मतगणना में भी परिणाम में कोई बदलाव नहीं आया. वह यथावत रहा. यहां मेयर पद के लिए जोरदार जोर आजमाइश हो रही है.