गहलोत सरकार का बड़ा कदम, वसुंधरा सरकार के ये 3 अहम फैसले बदलने का निर्णय

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जयपुर. राजस्थान (Rajasthan) की अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) ने पूर्ववर्ती वसुंधरा राजे सरकार (Vasundhara Raje Govt) के तीन अहम फैसलों को बदलने की तैयारी कर ली है. सचिवालय में बुधवार को हुई कैबिनेट सब कमेटी (Cabinet Sub Committee) की पांचवीं अहम बैठक में कैबिनेट सब कमेटी के अध्यक्ष और यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल (UDH minister Shanti Dhariwal) ने पुरानी सरकार के 3 फैसलों को पलटने के संकेत दिए. यूडीएच मंत्री ने कहा कि अफसरों के लिए ओल्ड एमआरईसी कैंपस (Old MREC Campus) में फ्लैट निर्माण का प्रोजेक्ट रोक दिया जाएगा. साथ ही कमेटी ने जिन खातेदारों की भूमि पर मिनरल्स हैं उन्हें खनन के लिए नीलामी में प्राथमिकता नहीं देने का भी निर्णय किया है. नीलामी के आधार पर खनन पट्टे दिए जाएंगे. पिछली सरकार में 33 केवी के संयंत्र और मीटर बदलने सहित कई टेंडर्स को मंजूरी दी गई है, जिनकी भी समीक्षा की जाएगी. उल्लेखनीय है कि पूर्ववर्ती सरकार ने निजी खातेदारों के खेत में मिनरल्स मिलने पर निजी खातेदारों को स्वामित्व देने का निर्णय लिया था.

पिछली सरकार के अंतिम 6 माह के निर्णयों की समीक्षा 

यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई बैठक में पिछली सरकार के अंतिम 6 माह के निर्णयों की समीक्षा की गई. मंत्री शांति धारीवाल का कहना है कि खातेदार इस भूमि को दूसरों को दे देते थे, ऐसी शिकायतें मिली थीं. इसलिए यह निर्णय गलत पाया गया. बैठक में ओल्ड एमआईसी क्षेत्र में अफसरों के फ्लैट्स निर्माण के प्रोजेक्ट पर रोक लगाने का फैसला हुआ. सरकारी आवासों की कमी को पूरा करने के लिए यहां फ्लैट्स बनाने का निर्णय पिछली सरकार ने लिया था. खातेदारी भूमि पर मिनरल्स खनन में अब निजी खातेदारों को नीलामी में प्राथमिकता नहीं दी जाएगी.

जिन फैसलों में खामियां हैं उनकी समीक्षा की जाएगी

बैठक में ऊर्जा विभाग के बिंदुओं की भी समीक्षा की गई. इसके तहत यह निर्णय लिया गया कि पिछली सरकार में 33 केवी के संयंत्र और मीटर बदलने सहित कई टेंडर्स को मंजूरी दी गई है, जिनकी समीक्षा की जाएगी. बैठक के बाद यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने स्पष्ट कर दिया कि पिछली सरकार के लिए गए ऐसे निर्णय जो जनहित में नहीं हैं और जिन फैसलों में खामियां हैं उनकी समीक्षा की जाएगी. संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों से उन निर्णयों की पुनः समीक्षा कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं.

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