असम में आई बाढ़ के दर्द को बयां कर रही हैं ये तस्वीरें, चारों तरफ सिर्फ पानी ही पानी

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प्रकृति (Nature) का गुस्सा पूर्वोत्तर राज्य असम (Northeastern state of Assam) में रहने वालों के घरों और जमीन को लगातार छीन रहा और उन्हें भारत के जलवायु-शरणार्थियों (climate-refugees) में बदल रहा है. लेकिन यह सिर्फ प्रकृति की सनक नहीं है जिसने कई ऐसे भूमिहीन व्यक्तियों के अस्तित्व को खतरे में डाल दिया है.

इनमें सबसे अधिक प्रभावित लोग ब्रह्मपुत्र नदी (Brahmaputra River) के चार (नदी द्वीप या मध्य-चैनल बार) पर रहते हैं और विशेष रूप से इसमें वे लोग हैं, जिनकी पहचान लगातार संदेह के घेरे में है. असम बाढ़ की तस्वीरों को देखकर किसी का भी मन भर आएगा. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोग बांस के डंडे से एक सहारा बनाकर रहने को मजबूर हैं.

असम में जहां तक निगाहें जा रही हैं सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है. घरों में रहने वाले लोग छत पर डेरा डाले हुए हैं, वो भी इस आस में की पानी का स्तर कम होगा और वो आपस अपने घरौंदे में रहेंगे.

असम के 33 में से 28 जिले ब्रह्मपुत्र नदी में आई बाढ़ से प्रभावित हैं. बारिश ने स्थिति और बिगाड़ दी है. पिछले 7 हफ्तों में 76 लोगों की जान इस बाढ़ की वजह से जा चुकी है.

बाढ़ के कारण घर क्षतिग्रस्त हो गए, फसलें तबाह हो गईं और कई स्थानों पर सड़कें और पुल टूट गए. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि दो व्यक्तियों की मौत बारपेटा में और एक व्यक्ति की मौत दक्षिण सालमारा जिले में हुई. कुल 105 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से 26 की जान भूस्खलन की चपेट में आने के कारण गई.

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होजई और पश्चिम कारबी आंगलोंग जिलों में हालात बेहतर होने से इस संख्या में कमी आई. धुबरी जिले में बाढ़ से सर्वाधिक 4.69 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं. एसडीआरएफ, जिला प्रशासन तथा स्थानीय लोगों ने बीते 24 घंटे में 511 लोगों को बचाया है. बुलेटिन में बताया गया कि कम से कम 2,678 गांव अभी जलमग्न हैं और 1,16,404 हेक्टेयर में लगी फसल बर्बाद हो गई है.

असम की सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि जमीन पर सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है.ग्रामीण क्षेत्र, फसल सब कुछ बर्बाद हो चुका है.

बाढ़ का कहर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं बल्कि जानवरों पर भी पड़ा है. असम स्थित काजीरंगा नेशनल पार्क 80 फीसदी पानी में डूबा हुआ है, जिसके कारण कई जानवरों की मौत हो गई है. काजीरंगा नेशनल पार्क में बाढ़ की वजह से अबतक 66 जानवरों की मौत हो चुकी है. पानी से 170 जानवरों को बचाया गया है.