गहलोत सरकार कर्मचारियों को देगी बड़ी राहत, अप्रैल के वेतन में नहीं होगी कटौती

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कोराना वायरस के चलते फैले संक्रमण संकट और लॉकडाउन  के बीच प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार कर्मचारी वर्ग को बड़ी राहत देने जा रही है. सरकार ने कर्मचारियों के अप्रैल के महीने में वेतन कटौती नहीं करने का निर्णय लिया है. राज्य सरकार आईएएस अफसर से लेकर चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को अप्रैल महीने का पूरा वेतन देगी. मार्च के महीने में कर्मचारियों के वेतन का कुछ हिस्सा स्थगित कर दिया गया था. सरकार के इस निर्णय से कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है. लॉकडाउन के कारण सबकुछ बंद होने से राज्य सरकार को बहुत कम राजस्व मिल रहा है. इसी के चलते सरकार ने मार्च के महीने के वेतन का कुछ हिस्सा स्थगित कर दिया था.

मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने बताया कि सभी कर्मचारियों को अप्रैल का पूरा वेतन मिलेगा. आईएएस और आरएएस अफसरों के वेतन में भी कटौती नहीं होगी. मुख्य सचिव ने स्पष्ट कर दिया है की वेतन का जो हिस्सा स्थगित किया गया था वह कर्मचारियों को मिलेगा. उन्होंने कहा जो कर्मचारी रिटायर होने वाला है उसे स्थगित किए गए वेतन का हिस्सा तुरंत मिल जाएगा.

लापरवाह ब्यूरोक्रेट्स पर होगी कार्रवाई
मुख्य सचिव ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए सभी को एकजुट होकर काम करना होगा. संकट की इस घड़ी में कई जिलों से परस्पर खींचतान और मनमुटाव की रिपोर्ट मिल रही है. ऐसे अफसरों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी. मुख्य सचिव ने कहा कि वे प्रदेश के सभी जिला क्लेक्टर्स के कामकाज से पूरी तरह संतुष्ट हैं. संकट की इस घड़ी में ब्यूरोक्रेसी कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही है. उन्हें इस बात पर बेहद गर्व है.

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3 मई के बाद लॉकडाउन में छूट दी जाएगी
मुख्य सचिव ने कहा कि 3 मई के बाद लॉकडाउन में छूट दी जाएगी, ताकि प्रदेश में औद्योगिक विकास पटरी पर आए. मनरेगा मजदूरों की संख्या में बढ़ोतरी की गई है और अब प्रदेश में मनरेगा के कार्य शुरू भी हो गए हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयों को छूट दी गई है. अब 3 मई के बाद कुछ और छूट दी जाएगी. केंद्र की नई गाइडलाइन के तहत राज्यों को कुछ शक्तियां मिली हैं. उन शक्तियों के तहत राज्य सरकार लॉकडाउन में छूट देगी. चूंकि अब श्रमिक नहीं मिल पा रहे हैं ऐसी स्थिति में औद्योगिक इकाइयों को शुरू होने में समय लगेगा.

प्रवासियों को लाया जाएगा वापस
मुख्य सचिव ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में रह रहे सभी प्रवासी राजस्थानियों को उनके घर लाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध. 8 लाख से ज्यादा प्रवासियों ने अब तक वापस आने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है. इनमें से बहुत से प्रवासी देश के दूरस्थ स्थानों पर हैं. सीएस ने सुझाव दिया कि दूरस्थ स्थानों से प्रवासियों को लाने के लिए स्पेशल ट्रेनें चलानी चाहिए.