गहलोत सरकार गिराने की कोशिश , इन दो नंबरों से होगा खुलासा

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बातचीत से ज्ञात हुआ है कि राज्यसभा चुनाव से पहले ही राजस्थान सरकार को गिराने की पूरी तैयारी हो गई थी. 

जयपुर: राजस्थान (Rajasthan) में कांग्रेस विधायकों की खरीद-फरोख्त कर सरकार गिराने की कोशिश के मामले में राजस्थान एसओजी ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. यकीन मानिए ये पूरा मामला राजस्थान की राजनीति में नया भूचाल लाकर खड़ा कर देगा. ज़ी राजस्थान न्यूज़ के पास इस शिकायत को लेकर पूरी जानकारी देखिए.

आखिर क्या कहा गया है एसओजी की इस एफआईआर में
एसओजी सर्विलांस पर जो 2 नंबर सर्विलांस पर लिए गए उनकी कॉल रिकॉर्डिंग के वो अंश जो एसओजी की एफआईआर में दर्ज हैं. ये नंबर हैं 8949065678 और 9929229909.

इन नंबरों पर हुई बातचीत के अंश 
मोबाइल नंबर में हो रही बातचीत से प्रकट होता है कि वर्तमान में स्थापित राज्य सरकार को गिराने का प्रयास किया जा रहा है. बातचीत में ऐसी वार्ता की जा रही है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री में झगड़ा चल रहा है, ऐसी स्थिति में सत्ता पक्ष कांग्रेस पार्टी और निर्दलीय विधायकों को तोड़कर सरकार गिराई जाए. सूत्र सूचना से यह भी जानकारी में आया है कि कुशलगढ़ विधायक रमीना खड़िया को एक बीजेपी नेता द्वारा धन का प्रलोभन देकर अपने पक्ष में करने का प्रयास किया जा रहा है. महेन्द्रजीत सिंह मालवीय के सम्बन्ध में भी वार्ता करते हैं कि पहले वो उप मुख्यमंत्री के पाले में थे, अब उन्होनें पाला बदल लिया है. कांग्रेस विधायकों और निर्दलीय विधायकों को 20-25 करोड़ रूपये के प्रलोभन देने की जानकारी भी सूत्रों से प्राप्त हुई है.

एसओजी की सर्विलांस पर चल रहे नम्बरों की वार्ता में यह भी सामने आया है कि वर्तमान सरकार को गिराकर नया मुख्यमंत्री बनाया जाएगा लेकिन बीजेपी का कहना कि मुख्यमंत्री हमारा होगा और उप मुख्यमंत्री को केंद्र में मंत्री बना दिया जाएगा लेकिन उप मुख्यमंत्री का कहना है कि मुख्यमंत्री वो बनेंगे, यह भी इन वार्ताओं में जिक्र आया है. राज्यसभा चुनाव से पहले सभी विधायकों के इक्कटे किये जाने पर वार्ता करते हैं कि 25-25 करोड़ वाला मामला अब टांय टांय फिस्स हो गया है.

अपने हिसाब से बनवाएंगे मुख्यमंत्री
यह भी बातचीत से ज्ञात हुआ है कि राज्यसभा चुनाव से पहले ही राजस्थान सरकार को गिराने की पूरी तैयारी हो गई थी. उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री राजस्थान ने भी राज्यसभा चुनाव से पहले बीजेपी द्वारा विधायकों को 25-25 करोड़ रूपये के प्रलोभन देकर खरीदने की बात कही. इसी सम्बन्ध में महेश जोशी मुख्य सचेतक, कांग्रेस का भी परिवाद प्राप्त हुआ था कि वर्तमान कांग्रेस मरकार के विधायकों और इसको समर्थन दे रहे विधायकों को प्रलोभन देकर राज्यसभा चुनाव में वोटिंग को प्रभावित करने और सरकार अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं. उप मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे के सम्बन्ध में वार्ता करते हैं कि वड़े-बड़े राजनैतिक फैसले दिल्ली में हो रहे हैं और 30 जून के बाद घटनाक्रम तेजी से बढ़ेगा.

वार्ता में यह भी प्रकट हुआ है कि इस तरह वर्तमान सरकार को गिराकर नई सरकार का गठन करवा कर ये लोग 1000 -2000 करोड़ रुपये कमा सकते हैं. यह भी कहते है कि यह तभी होगा, जब इनके हिसाब से मुख्यमंत्री बनेगा.

मंत्रिमंडल विस्तार में नए खुलासे
मंत्रिमंडल विस्तार की वार्ता में प्रकट होता है कि विस्तार करेंगे तो 4 आयेंगे, 6 नाराज भी होंगे. फिर उप मुख्यमंत्री के ग्रह नक्षत्रों की बात करते हुए कहते हैं कि 30 जून के बाद इनके ग्रहों में तेजी आएगी और 5-10 दिन के बाद ये शपथ लेंगे. 2-3 दिनों में विधायकों और खास तौर पर निर्दलीय विधायकों के नाम धनराशि लेकर उनसे सम्पर्क साधने की सूचना भी सूत्रों से प्राप्त हुई है.

इन वार्ताओं से स्पष्ट है कि ये वार्ताकार सरकार गिराने की योजना में अन्य लोगों के माथ सम्मिलित हैं और इसके पश्च पैमा कमाने की योजना भी बना रहे हैं. उपरोक्त मसे यह स्पष्ट है कि वर्तमान में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई राजस्थान सरकार के विरूद्ध घृणा और अप्रीति की भावना से मत्ता पक्ष, कांग्रेस और निर्दलीय विधायकों की खरीद फरोख्त के प्रयास रहे हैं. अंत इस सम्बन्ध में प्रथम सृचना रिपोर्ट दर्ज कर अनुसंधान किया जाना उचित रहेगा.

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राजस्थान के एडीज एसओजी एटीएस ने किए खुलासे
राजस्थान की सियासत में एक बार फिर से हलचल मच गई है. राजस्थान में गहलोत सरकार को गिराने की साजिश चल रही है और इसको लेकर कई नेताओ के फोन भी टैप हो रहे हैं. जयपुर के दो नंबरों से कई नेताओ से सरकार को गिराने की चल रही है साजिश.

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राजस्थान की सियासत में एक बार फिर से हलचल मच गई है. राजस्थान में गहलोत सरकार (Gehlot Government) को गिराने की साजिश चल रही है और इसको लेकर कई नेताओं के फोन भी टैप हो रहे हैं. जयपुर के दो नंबरों से कई नेताओं से सरकार को गिराने की साजिश चल रही है.

जी हां, ये खुलासा किया है राजस्थान के एडीज एसओजी एटीएस ने. दरअसल पिछले दिनों राज्यसभा चुनावो के वक्त कांग्रेस विधायकों की खरीद फरोख्त का मामले ने बहुत तूल पकड़ा था, जिसको लेकर सभी कांग्रेसी और समर्थित विधायकों की बाड़ेबंदी भी की गई थी.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने इस पूरे मामले मे ये खुलासा किया था कि विधायको की खरीद फरोख्त के लिए करोड़ों की डील हुई और दिल्ली से पैसा जयपुर भी आ गया. इस मुद्दे को लेकर विधानसभा मुख्य सचेतक महेश जोशी ने एसओजी में एक परिवाद दर्ज कराया और हार्स ट्रेडिंग का आरोप लगाया. लगभग 3 हफ्तों बाद एसओजी ने पूरा मामला दर्ज कर लिया है औऱ कई खुलासे किए हैं, जिससे राजस्थान की राजनीति में हलचल मच गई है.

क्या बोले एसओजी एडीजी अशोक कुमार राठौड़
एसओजी एटीएएस एडीजी अशोक कुमार राठौड़ ने बताया कि पूर्व में हॉर्स ट्रेडिंग को लेकर एक परिवाद दर्ज किया गया था लेकिन उसके बाद जांच में दो मोबाइल नंबर ऐसे मिले, जिनसे कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं. इस जांच में राजस्थान के कई नेताओं के फोन नंबर सर्विलांस पर लगाए गए हैं और कई खुलासे हुए हैं. इनमें पैसों के लेन-देन के साथ कई और अहम जानकारियां हाथ लगी हैं.

पसंदीदा मुख्यमंत्री बनाने को लेकर नेताओं की हो रही थी चर्चा
एडीजी अशोक राठौड़ ने बताया कि जिन नंबरो को सर्विलांस पर लगाया और जिन दो नंबरों को संदिग्ध माना था, उन पर जांच मे कई तथ्य सामने आए हैं. अपने पसंदीदा मुख्यमंत्री बनाने को लेकर नेताओं की बातचीत चल रही थी. मुख्यमंत्री के पद को बदलने को लेकर बातचीत संदिग्ध तौर पर मिली है. कुछ बड़े और छोटे नेताओं के नंबरो को ट्रेस कर ये जानकारी सामने आई है. पद को बदलने को लेकर प्रलोभन देने की बात आई सामने अशोक राठौड़ ने बताया कि जो बात फोन पर चल रही है, उसमें ये भी सामने आया है कि कुछ प्रलोभन देकर सत्ता में भागीदारी या बदलने की कोशिश की गई है. इतना ही नहीं, इन नेताओं से पूछताछ भी की जाएगी.

124 ए और 120 बी के तहत मामला किया दर्ज
आईपीसी की धारा 124 ए व 120 बी के तहत मामला दर्ज किया गया है. पूरी जांच एसओजी कर रही है लेकिन एडीजी के इस बयान के बाद राजनीति गलियारों में कई चर्चे शुरु हो गए हैं और कई सवाल भी खड़े हो गए हैं.

एसओजी के बयान के बाद कई सवाल हुए खड़े
एडीजी एसओजी ने जिन दो नंबरों को लेकर एफआईआर दर्ज की है, उसके बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं. जैसे वो दो नंबर किसके हैं, इन दो नंबरों से किन नेताओं से बात हुई है, ये दो नंबर क्या किसी नेता के हैं या फिर किसी और के, कौन गहलोत सरकार को गिराने की साजिश रच रहा है? एडीजी के बयान ने राजस्थान की सियासत मे नया भूचाल ला दिया है लेकिन ये माना जा रहा है कि जांच में कई और अहम खुलासे हो सकते हैं.