अशोक लेलैंड ने कर्मचारियों के लिए VRS की घोषणा की, ऐसे लागू होगी ये योजना

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भारत की दूसरी सबसे बड़ी कमर्शियल वाहन बनाने वाली कंपनी अशोक लेलैंड ने अपने सभी कार्यालय और संयंत्र के कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की योजना शुरू की है. अशोक लेलैंड के एचआर हेड एन वी बालाचंदर के मुताबिक इस योजना का लाभ कंपनी में 1 से 32 साल तक काम करने वाले कर्मचारी उठा सकते है. वहीं उन्होंने कहा कि वीआरएस योजना के लागू होने से कॉस्ट कटिंग और सक्षम संगठनात्मक ढांचा तैयार करने में मदद मिलेगी.

2 साल में दूसरी बार लागू किया VRS- अशोक लेलैंड ने इससे पहले 2019 में वीआरएस योजना को लागू किया था. तब इस योजना को कंपनी के 200 कर्मचारियों ने चुना था. आपको बता दें अशोक लेलैंड ने 2019 में वीआरएस योजना 20 से 25 साल पुराने कर्मचारियों के लिए लागू की थी. जिसमें कंपनी ने कमजोर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को वीआरएस दिया था.

कई कर्मचारियों ने दिए VRS के लिए आवेदन- अशोक लेलैंड के एचआर हेड एन वी बालाचंदर ने बताया कि कंपनी को जल्द सेवानिवृति के लिए कई कर्मचारियों ने आवेदन किया है. जिसके चलते कंपनी ने वीआरएस योजना को लागू किया है. इस योजना में देशभर में मौजूद अशोक लेलैंड के कर्मचारी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले सकते हैं.

कैसे लागू होगी VRS योजना- बाला ने कहा, ‘यह एक प्रमुख पुनर्गठन कोशिश है.’ वीआरएस को कंपनी के कार्यालयों/ फैक्टरी लोकेशनों पर 9 महीने की अवधि के दौरान क्रियान्वित किया जाएगा. वीआरएस के क्रियान्वयन से कंपनी की क्षमता और संसाधनों को अनुकूल बनाने में मदद मिलेगी. नौकरी के ज्यादा कार्यकाल का मतलब है ज्यादा भुगतान. यदि कर्मचारी सेवा के पांच साल पूरा कर लेता है, तो उसे पांच महीने तक एक महीने का वेतन मिलेगा, यदि कार्यकाल पांच साल से ज्यादा है तो उसे अपने सेवाकाल के लिए आधे महीने का वेतन मिलेगा.

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