अब व्यापार करना हुआ आसान, गहलोत सरकार ने बिजनेस रिफॉर्म्स एक्शन प्लान रैंकिंग में मारी लंबी छलांग

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राजस्थान में अब व्यापार करना आसान हो गया है. प्रदेश की गहलोत सरकार की व्यापारिक प्रोत्साहन की नीतियों के कारण यह संभव हो पाया है.

जयपुर. राजस्थान की गहलोत सरकार की उपलब्धियों में एक और तमगा जुड़ गया है. गहलोत सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में लंबी छलांग मारी है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्य में रिफॉर्म को लेकर साल 2019 की सालाना रैंकिंग जारी की है. इसके मुताबिक 2017-18 की रैंकिंग में राजस्थान 9 वें नंबर पर था. अब ये नंबर 8 के पायदान पर काबिज हो गया है.

उद्योग एवं राजकीय उपक्रम मंत्री परसादी लाल मीणा ने बताया कि इसका मतलब ये हुआ कि कारोबार शुरू करना और उसे आगे बढ़ाना और आसान हो गया है. केन्द्र सरकार की ओर से 5 सितम्बर को इज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत बिजनेस रिफॉर्म्स एक्सन प्लान की क्रियान्विति के अनुसार राज्यों की रेंकिंग जारी की है.

राजस्थान गुजरात से आगे निकला

उद्योग मंत्री मीणा ने बताया कि कारोबारी सुगमता के क्षेत्र में केन्द्र सरकार द्वारा जारी रैंकिंग में राजस्थान पश्चिमी बंगाल और गुजरात से आगे निकल गया है. केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने 5 सितम्बर को वेब कॉफ्रेंसिंग के जरिए राज्यों की रैंकिंग जारी की थी. 2019 के लिए जारी इस रैंकिंग में राजस्थान 2017 की नवीं रेंकिंग से एक कदम ऊपर उठते हुए आठवें स्थान पर आ गया है. केन्द्रीय वित्त मंत्री की वेब कॉन्फ्रेंस में उद्योग मंत्री मीणा के साथ ही प्रमुख शासन सचिव उद्योग नरेश पाल गंगवार और आयुक्त उद्योग अर्चना सिंह ने भी हिस्सा लिया.

औद्योगिक निवेश का बेहतर माहौल

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उद्योग मंत्री मीणा ने बताया कि यह तो हमारी सरकार आने के शुरुआती दिनों में उठाए गए कदमों का ही परिणाम है. राज्य में एमएसएमई एक्ट में प्रावधान कर राज उद्योग मित्र की पावती के आधार पर उद्योग लगाने पर तीन साल के लिए सभी अनुमतियों से मुक्त किया गया है. वहीं राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना के तहत अन्य राज्यों की तुलना में अधिक रियायतें दी गई हैं. प्रदेश में नई औद्योगिक विकास नीति के साथ ही निर्यात प्रोत्साहन के लिए राजस्थान निर्यात संवर्धन परिषद और राजस्थान निर्यात संवर्धन समन्वय परिषद का गठन किया गया है. एमएसएमई सुविधा परिषद एक के स्थान पर चार कर दी गई है. सिंगल विण्डो सिस्टम को भी और अधिक प्रभावी बनाते हुए वन स्टॉप शॉप लागू किया गया है जिससे अब बड़े उद्योगों की स्थापना भी आसान हो जाएगी.