चीन को सबक सिखाने के लिए पश्चिमी मोर्चे को लगातार मजबूत कर रही वायुसेना

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पाकिस्तान और चीन की धोखेबाजी को ध्यान में रखते हुए भारतीय वायुसेना ने करीब डेढ़ साल पहले ही वेस्टर्न फ्रंट यानी पश्चिमी मोर्चे को को मजबूत करना शुरू कर दिया था. यही कारण है कि पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ चल रही तनातनी के बीच भारतीय वायुसेना हर स्थिति का सामना करने को तैयार है.

पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच चल रहे तनाव के बीच भारतीय वायुसेना हर मोर्चे पर चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी से मुकाबला करने को तैयार है. चीन और पाकिस्तान की चालबाजी को देखते हुए भारतीय वायुसेना ने डेढ़ साल पहली ही पश्चिमी मोर्चे पर अपनी ताकत बढ़ानी शुरू कर दी थी.

चीन को सबक सिखाने के लिए वेस्टर्न फ्रंट यानी पश्चिमी मोर्चे को चिनूक, अपाचे और राफेल के जरिए और भी ताकतवर बना दिया गया है. चंडीगढ़, पठानकोट और अंबाला वायुसेना बेस में तैनात इन ताकतवर लड़ाकू विमान के जरिए भारत किसी भी दुश्मन को सबक सिखा सकता है.

चिनूक हेलीकॉप्टर की मदद से युद्ध के हथियारों को ले जाने में मदद मिलती है. हाल के दिनों में लद्दाख के कई इलाकों में रोड बनाने में भी इस हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया गया. भारत ने सितंबर 2015 में बोइंग के साथ 8,048 करोड़ रुपये में 15 सीएच-47एफ़ चिनूक हेलीकॉप्टर खरीदने का कॉन्ट्रैक्ट किया था. ये हेलीकॉप्टर बेहद भारी भरकम सामान को ले जाने में सक्षम है. इस हेलीकॉप्टर की ख़ासियत है कि यह छोटे हेलीपैड और घनी घाटियों में भी उतर सकता है.

आधुनिक युद्धक क्षमता वाले ये हेलिकॉप्टर अमरीकी कंपनी बोइंग ने बनाए हैं. इन अपाचे हेलीकॉप्टर के पंखों का फैलाव 17.15 फीट तक होता है. जबकि ऊंचाई 15.24 फीट है. प्राइमरी मिशन के लिए इसका कुल वजन 6838 किलोग्राम होता है. ये अधिकतम 279 किलोमीटर/घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है. इस हेलीकॉप्टर में दो हाई परफॉर्मेंस टर्बोशाफ्ट इंजन होते हैं. हथियार की बात करें तो ये हवा से हवा में मार करने वाले मिसाइलें, रॉकेट, ऑटोमेटिक कैनन गन ले जाने में सक्षम है.

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राफेल चौथी पीढ़ी का फाइटर जेट है. ये कई रोल निभाने में सक्षम कॉम्बैट फाइटर जेट है. ग्राउंड सपोर्ट, डेप्थ स्ट्राइक और एंटी शिप अटैक में सक्षम है. इसकी ताकत का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि ये छोटे न्यूक्लियर हथियारों को ले जाने में सक्षम हैं. राफेल एयरक्राफ्ट 9500 किलोग्राम भार उठाने में सक्षम है. ये अधिकतम 24500 किलोग्राम वजन के साथ उड़ान भर सकता है. इस फाइटर जेट की अधिकतम रफ्तार 1389 किमी/घंटा है. एक बार में ये जेट 3700 किमी तक का सफर तय कर सकता है. ये हवा से हवा और जमीन दोनों पर हमला करने वाली मिसाइलों से लैस है.