नागरिकता संशोधन कानून: राजस्थान में लागू करने पर अनिश्चितता के बादल

0
111

जयपुर : नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) के राजस्थान (Rajasthan) में लागू होने पर भी अनिश्चितता (Uncertainty) के बादल छाए हुए हैं. इस कानून को लागू करने के मसले पर राजस्थान भी अन्य कांग्रेस शासित राज्यों (Congress ruled states) की तर्ज पर पीछे हट सकता है. सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने गृह विभाग (Home department) के आला अधिकारियों को इस कानून पर मंथन करने के निर्देश दिए हैं.
गृह विभाग देर रात तक विधि विभाग से राय लेता रहा
शुक्रवार देर रात तक गृह विभाग के अधिकारी विधि विभाग से राय लेते रहे. हालांकि कोई भी अधिकारी इस पर खुलकर बोलने के लिए तैयार नहीं था. लेकिन माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इस कानून को लागू नहीं करने की आधिकारिक घोषणा गुरुवार को दिल्ली में कर सकते हैं.

कांग्रेस शासित ये राज्य कर चुके हैं मना

उल्लेखनीय है कि कांग्रेसी शासित राज्यों पंजाब, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपने यहां नागरिकता कानून लागू नहीं करेंगे. अब माना जा रहा है कि राजस्थान भी दो टूक इस कानून को लागू करने से मना कर सकता है.

कांग्रेस ने 3 दिन पहले ही धरना देकर जताया था विरोध
उल्लेखनीय है कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ 3 दिन पहले बुधवार को ही कांग्रेस ने राजधानी जयपुर में गांधी सर्किल पर धरना देकर इसका विरोध जताया था. इस दौरान सीएम अशोक गहलोत ने कहा था कि केंद्र सरकार असली मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए नागरिक संशोधन जैसे कानून ला रही हैं. वहीं डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कहा था देश में नागरिकता कानून बहुत पुराना है. संविधान की मूल भावना के खिलाफ जाकर नागरिकता कानून में संशोधन किया जा रहा है. धरने में कांग्रेस के सह-प्रभारी विवेक बंसल, मंत्री डॉ. बीडी कल्ला, प्रतापसिंह खाचरियावास, उदयलाल आंजना, सुखराम बिश्नोई, अशोक चांदना तथा सुभाष गर्ग सहित कई कांग्रेस नेता, विधायक और कार्यकर्ता शामिल हुए थे.

READ More...  Coronavirus: लॉक डाउन या हेल्थ इमरजेंसी? पीएम के संबोधन पर लग रही ये अटकलें