मुख्यमंत्री इकॉनोमिक ट्रांसफॉरमेशन सलाहकार परिषद का गठन

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जयपुर: राज्य सरकार ने आदेश जारी कर मुख्यमंत्री इकॉनोमिक ट्रांसफॉरमेशन सलाहकार परिषद का गठन किया है। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत इस सलाहकार परिषद् के अध्यक्ष होंगे। डॉ. अरविन्द मायाराम को उपाध्यक्ष एवं डॉ. गोविन्द शर्मा को सलाहकार सदस्य नियुक्त किया गया है।

सीएमईटीसी राजस्थान के संयुक्त सचिव भंवरलाल बैरवा ने बताया कि परिषद् ने मुख्य सचिव एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त एवं प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री को सदस्य तथा प्रमुख शासन सचिव आयोजना को सदस्य सचिव बनाया गया है।

परिषद् के अन्य सदस्यों में डॉ. राथिन रॉय, डॉ. अशोक गुलाटी, अनिल अग्रवाल, लक्ष्मी निवास मित्तल,नैना लाल किदवई, डॉ. देवी शेट्टी, विक्रम मेहता, केशव देसीराजू, नावेद खान, डॉ शिव कुमार सरीन, डॉ. अशोक पनगडिया, श्रीमती फैथ सिंह, नन्दिता दास, डॉ. जयोतिन्द्र जैन, कविता सिंह, प्रोफेसर एरोल डिसूजा, अमित कपूर, विजय कुमार, राजीव गौडा, मंगू सिंह, प्रदीप एस.मेहता तथा प्रोफेसर दिनेश सिंह को शामिल किया गया है।

परिषद की बैठकों में मुख्यमंत्री द्वारा नामित मंत्री, राज्यमंत्री एवं संबंधित विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव को भी विचार विमर्श के लिए बुलाया जाएगा। परिषद् किसी विशेष उद्देश्य एवं निश्चित समयावधि के लिए आहूत की जा सकेगी। परिषद् राज्य के आर्थिक वृद्धि, विकास में आ रही चुनौतियों विशेषतः राजकोषीय प्रबंधन, उत्पादकता बढ़ाने, रोजगार के अवसरों के सृजन आदि की पहचान करेगी एवं शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता जैसी बुनियादी सेवाओं को प्रभावी रूप से लागू करने के संबंध में सलाह देगी। इसी प्रकार परिषद के उद्देश्यों में राज्य के विशिष्ट आर्थिक एवं वित्तीय नीतिगत विषयों के गहन विश्लेषण हेतु अध्ययन करना, राज्य में की जा रही नवीन पहल को चिन्हित कर उनकी मध्य अवधि प्रगति को सुनिश्चित करना तथा इनकी क्रियान्विति के विभिन्न स्तरों की समीक्षा करना सम्मिलित है।

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परिषद की बैठक 6 महीने में कम से कम एक बार आयोजित होगी। परिषद के कार्यकारी समूह का गठन किया जाएगा जिसमें मुख्यमंत्री द्वारा विषय विशेषज्ञों को मनोनीत किया जाएगा। कार्यकारी समूह का दायित्व परिषद के लिए नीति पत्र तैयार करने हेतु अनुसंधान एवं विश्लेषणात्मक गतिविधियों के साथ सार्थक सुझाव देना होगा। कार्यकारी समूह के सदस्य परिषद के सदस्यों में से या परिषद के बाहर से 2 वर्ष की अवधि के लिए मनोनीत किए जा सकेंगे। परिषद का कार्यकाल मार्च 2022 तक होगा और आवश्यक होने पर इसे बढ़ाया भी जा सकेगा।