आगामी चुनाव को लेकर आयोग में सुझावों पर हुई चर्चा, अशोक लवासा ने निर्वाचन आयुक्त पद से इस्तीफा दिया

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कोरोना संकट के बीच बिहार में अगले कुछ महीने के अंदर विधानसभा चुनाव होने हैं और इसके लिए राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारी शुरू भी कर चुके हैं. इस बीच चुनाव आयोग बिहार चुनाव के लिए अगले 3 दिन के अंदर गाइडलाइन तैयार कर देगा.

चुनाव आयोग ने जानकारी दी है कि विधानसभा चुनाव प्रचार को लेकर आगामी तीन दिनों में विस्तृत और व्यापक गाइडलाइन जारी कर दी जाएगी.

यह चुनाव ऐसे समय हो रहा है जब देश कोरोना संकट से त्रस्त है. कोरोना संकट के बीच होने वाले आगामी चुनावों को लेकर आज चुनाव आयोग में बैठक हुई जिसमें आयोग ने राजनीतिक दलों की ओर से भेजे गए सुझावों पर विचार किया. साथ ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य चुनाव अधिकारियों की ओर से भेजे गए सुझावों पर भी विचार किया गया.

चुनाव आयोग ने कहा कि सभी तरह के सुझावों पर विचार करने के बाद अगले 3 दिनों के अंदर चुनाव को लेकर विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी जाएगी. आयोग ने चुनाव होने वाले राज्यों के चुनाव अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि कोरोना संकट को देखते हुए स्थानीय परिस्थितियों के मुताबिक चुनाव के दौरान विस्तृत योजना बनाएं.

लवासा का निर्वाचन आयुक्त पद से इस्तीफा

इस बीच अशोक लवासा ने निर्वाचन आयुक्त पद से इस्तीफा दे दिया है. उनको एशियाई विकास बैंक में नई जिम्मेदारी संभालनी है. चुनाव आयोग की बैठकों में अपने अलग विचार और ठोस तर्कों की वजह से लगातार चर्चा में बने रहने वाले निर्वाचन आयुक्त अशोक लवासा इसी महीने के आखिरी हफ्ते में एशियाई विकास बैंक (एडीबी) में उपाध्यक्ष का पद संभालने जा रहे हैं.

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चुनाव आयोग से इतर अपनी राय रखने की वजह से यह भी कयास लगाए जा रहे थे कि अशोक लवासा को चुनाव आयोग से दूर किया जा सकता है.

पिछले साल लोकसभा चुनाव के दौरान विपक्ष ने जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण को लेकर चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी तब आयोग में इसको लेकर काफी गहमागहमी की स्थिति रही. शिकायत को लेकर 3 सदस्यीय आयोग में दो आयुक्त पीएम मोदी को क्लीन चिट दे रहे थे, लेकिन अशोक लवासा अड़े रहे. फिर फैसला बहुमत से लिया गया और पीएम मोदी को क्लीन चिट मिली. इसके अलावा कई अन्य मुद्दों पर भी लवासा का रुख सरकार के साथ नहीं रहा.