जल्द से जल्द आ जाएगा कोरोना वायरस का टीका! कोशिश में जुटे साइंटिस्ट्स

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TOPSHOT - A staff member checks the temperature of a guest entering the casino of the New Orient Landmark hotel in Macau on January 22, 2020, after the former Portuguese colony reported its first case of the new SARS-like virus that originated from Wuhan in China. - Macau on January 22 reported its first confirmed case of the new SARS-like coronavirus as authorities announced all staff in the city's bustling casinos had been ordered to wear face masks. (Photo by Anthony WALLACE / AFP) / The erroneous mention[s] appearing in the metadata of this photo by Anthony WALLACE has been modified in AFP systems in the following manner: [entering the casino of the New Orient Landmark hotel] instead of [entering the New Orient Landmark hotel]. Please immediately remove the erroneous mention[s] from all your online services and delete it (them) from your servers. If you have been authorized by AFP to distribute it (them) to third parties, please ensure that the same actions are carried out by them. Failure to promptly comply with these instructions will entail liability on your part for any continued or post notification usage. Therefore we thank you very much for all your attention and prompt action. We are sorry for the inconvenience this notification may cause and remain at your disposal for any further information you may require. (Photo by ANTHONY WALLACE/AFP via Getty Images)

सिंगापुर: चीन में महामारी का रूप ले चुके कोरोना वायरस प्रकोप से निपटने के लिए जल्द से जल्द इसका टीका विकसित करने के लिए चलाए जा रहे कई लाख डॉलर के महत्त्वकांक्षी अभियान के तहत अमेरिका से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक के वैज्ञानिक नवीनतम प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर रहे हैं.

यह नया वायरस पिछले साल चीन में सामने आने के बाद से बहुत तेजी से फैला है जिसने मुख्य भूभाग में 800 से ज्यादा लोगों की जान ले ली और 37,000 से अधिक को संक्रमित किया है. कोरोना वायरस के मामले कई अन्य देशों में भी सामने आए हैं.

जल्द से जल्द टीका विकसित करने की कोशिश
किसी भी टीके को तैयार करने में अमूमन वर्षों लग जाते हैं और यह जानवरों पर परीक्षण, मनुष्यों पर क्लिनिकल परीक्षण तथा नियामक स्वीकृतियां प्राप्त करने की एक लंबी प्रक्रिया है लेकिन विश्वभर में विशेषज्ञों की कई टीमें कोरोना वायरस के लिए जल्द से जल्द टीका विकसित करने की कोशिश में जुटी हैं. इस कदम को अंतरराष्ट्रीय स्तर के गठबंधन का समर्थन प्राप्त है और ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि वे छह महीने के भीतर अपना टीका तैयार कर लेंगे.

ऑस्ट्रेलिया की क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी के सीनियर रिसर्चर ने कहा, ‘यह अत्यंत दबाव वाली स्थिति है और हमारे ऊपर बहुत जिम्मेदारी है.’ उन्होंने कहा कि उन्हें यह जानकर ‘कुछ तसल्ली’ मिली है कि विश्व की कई टीमें इसी काम में लगी हुई हैं.

कहा, ‘उम्मीद है कि इनमें से कोई एक सफल होगा और इस प्रकोप को रोक पाने में मदद मिलेगी.’ वायरस के प्रसार को देखते हुए छह महीने की समय सीमा भी बहुत ज्यादा लग रही है. माना जा रहा है कि यह वायरस जंगली जानवर बेचने वाले एक बाजार से फैलना शुरू हुआ है जो चीन में प्रतिदिन करीब 100 लोगों की जान ले रहा है.

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