कोरोना वायरस की सच्चाई बताने वालों को गायब कर दे रहा है चीन

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कोरोना वायरस की महामारी से निपटने में चीन की सरकार नाकाम रही है. इससे बचने के लिए किए जा रहे उपायों के तमाम दावों के बावजूद कोरोना वायरस का संक्रमण कम नहीं हो रहा है. चीन में इस वायरस की चपेट में आकर मरने वालों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है. सोमवार को मरने वालों का आंकड़ा 900 के पार कर गया. कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले बढ़कर 40 हजार से ऊपर हो गए हैं. सिर्फ रविवार को संक्रमण की वजह से 97 लोगों की मौत हुई है, जबकि 3062 संक्रमण के नए मामले सामने आए हैं.

इस बीच इस तरह की कई खबरें आ रही है कि चीन की सरकार कोरोना वायरस की सच्चाई छिपा रही है. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि मौत और वायरस संक्रमण का मामला कहीं अधिक है. इसे चीन की सरकार जानबूझ कर कम बता रही है. कोरोना वायरस की सच्चाई बताने वाले लोग गायब हो रहे हैं. पिछले हफ्ते ही सबसे पहली बार कोरोना वायरस को लेकर जानकारी देने वाले डॉक्टर ली वेनलियांग की मौत हो गई. अब इस वायरस और उसके संक्रमण की सच्चाई का पता लगाने वाला एक चीनी नागरिक पत्रकार चेन कुशी गायब है. चेन कुशी के गायब होने का मामला संदेहास्पद हो गया है.

कोरोना वायरस की असलियत बताने वाला पत्रकार लापता है
चेन कुशी चीन के शहर वुहान से कोरोना वायरस पर रिपोर्टिंग कर रहा था. वुहान से ही कोरोना वायरस की बीमारी फैली है. चीन के लोग कोरोना वायरस को लेकर सच्चाई बताने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि उनकी बोलने की आजादी को दबाया जा रहा है. इस बीच कोरोना वायरस की रिपोर्टिंग कर रहा चेन कुशी गुरुवार से ही गायब है.

चीन में कोरोना वायरस को लेकर पहली बार चेतावनी देने वाले डॉ ली वेनलियांग की मौत से लोग पहले से ही गुस्से में हैं. डॉ ली वेनलियांग की मौत कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से ही हुई थी. डॉ ली को कोरोना वायरस की सच्चाई बताने को लेकर डराया धमकाया गया था. इसके बाद अब एक नागरिक पत्रकार चेन कुशी के गायब होने से मामला संवेदनशील बन गया है.

चेन कुशी के रिश्तेदार और दोस्त चिंतित हैं. डॉ ली की मौत पर चीन के सोशल मीडिया में लोगों ने अपनी नाराजगी जाहिर की थी. लोगों ने सरकार से माफी मांगने की अपील की थी. आई वान्ट फ्रीडम ऑफ स्पीच नाम से कैंपेन चला था. अब चेन कुशी के गायब होने के पीछे चीनी प्रशासन और सरकार का हाथ ही बताया जा रहा है.

चेन कुशी के बारे में जानकारी नहीं दे रहा चीनी प्रशासन
चेन कुशी के रिश्तेदारों और दोस्तों ने पुलिस से संपर्क किया है. पुलिस का कहना है कि चेन कुशी को संक्रमण से बचाने के लिए उसे अलग-थलग रखा गया है. जबकि चेन के रिश्तेदारों और दोस्तों का कहना है कि संक्रमण के बहाने चेन कुशी को हिरासत में रखा गया है. चीन के सोशल मीडिया पर चेन कुशी की रिहाई की मांग की जा रही है

चेन कुशी 24 जनवरी को वुहान आया था. उस वक्त पूरा शहर लॉक डाउन था. चेन कुशी ने कोरोना वायरस से संक्रमण वाले अस्पतालों का दौरा किया, बीमारों का हाल चाल लिया, ऐसे वॉर्ड्स का मुआयना किया, जहां पर संक्रमण वाले मरीजों को रखा जा रहा था. उसने इन सबके वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिए. वो बताना चाह रहा था कि चीन में कोरोना वायरस की वजह से हालात कितने खराब हैं.

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सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक चेन के दोस्तों ने बताया है कि उन्हें इस बात का अंदेशा था कि इस रिपोर्टिंग की वजह से चेन कुशी को पुलिस पकड़ सकती है. इसलिए वो बार-बार उसे फोन कर रहे थे. लेकिन गुरुवार के बाद से उसका कुछ पता नहीं चल पा रहा है. इसके बाद शुक्रवार को चेन के एक दोस्त ने उसकी मां का एक वीडियो संदेश सोशल मीडिया पर अपलोड किया, जिसमें उसके गायब होने की बात कही गई थी.

कोरोना वायरस को लेकर छिपाई जा रही है सच्चाई
चीनी प्रशासन हर उस आदमी को चुप करवा दे रही है, जो कोरोना वायरस को लेकर हकीकत लेकर सामने आना चाहता है. चेन कुशी पहली बार गायब नहीं हुआ है. सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक चेन कुशी ने हॉन्ग कॉन्ग में हुए विरोध प्रदर्शन को भी कवर किया था. उसने सोशल मीडिया पर विरोध प्रदर्शन वाले वीडियो अपलोड करते हुए चीनी सरकार को चुनौती दी थी. उसने कहा था विरोध प्रदर्शन में शामिल सभी लोग दंगाई और अलगाववादी नहीं हैं. इसके बाद वो बीजिंग लौट आया. वापस लौटने पर उससे चीनी प्रशासन की कई एजेंसियों ने कई बार पूछताछ की थी.

चेन कुशी चीन की सोशल मीडिया में काफी पॉपुलर है. लेकिन उसके सभी सोशल मीडिया एकाउंट को डिलीट कर दिया गया है. वीबिवो पर उसके 7 लाख 40 हजार फॉलोअर थे. अक्टूबर मे चेन कुशी फिर वापस लौट आया. इस बार यूट्यूब के जरिए उसने वीडियो अपलोड करने शुरू किए. उसके चैनल के 4 लाख 33 हजार सब्रस्क्राइबर बन गए. उसके ट्विटर एकाउंट को 2 लाख 46 हजार लोग फॉलो करते हैं. जबकि ये दोनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म चीन में बैन हैं.

चीन के लोगों का हीरो बन गया है चेन कुशी
चेन कुशी ने अपने एक वीडियो में कहा था कि बोलने की आजादी हर नागरिक का अधिकार है. चीन के संविधान के आर्टिकल 35 उनको ये अधिकार देता है. मुझपर कितना भी दबाव पड़े मैं सच के लिए लड़ता रहूंगा. चेन कुशी का कहना था कि वो एक नागरिक पत्रकार है. चीन के हालात के बारे में सही-सही जानकारी लाना उसकी जिम्मेदारी है.

अपने एक वीडियो में उसने कहा था कि वो अपने कैमरे के जरिए वुहान की असली तस्वीर दुनिया के सामने लाएगा. वो पूरी दुनिया तक वुहान की आवाज पहुंचाना चाहता था. चेन का कहना था कि उसका मकसद सिर्फ सच को सामने लाना है.

एक वीडियो में चेन कुशी ने बताया था कि चीनी प्रशासन जिन्हें अफवाह फैलाने वाला बता रही है, दरअसल वे लोग हेल्थ वर्कर हैं. वे लोग संक्रमण को फैलने से रोकने का काम कर रहे थे. इस बारे में चेतावनी जारी कर रहे थे. डॉ ली वेनलियांग भी उन्हीं 8 लोगों में से एक था.

चीन के लोग अब चेन कुशी को अपना हीरो मान रहे हैं. चीन में अब चेन कुशी का नाम लेना एक संवेदनशील मुद्दा बन गया है. लेकिन सोशल मीडिया पर कुछ लोग सामने आ रहे हैं. वो चेन कुशी को लेकर फिक्रमंद हैं. उनका कहना है कि सुपरहीरो कोई आसमान से नहीं टपकता है. वो हमारी तरह आम आदमी होता है, जो लोगों की भलाई सोचता है. चेन कुशी, उसी तरह का है. चीन के लोग कह रहे हैं चेन कुशी उनका हीरो है और वो गायब है.