राजस्थान में गेहूं लेने के लिए एक ही पीओएस मशीन पर लगाना पड़ रहा है अंगूठा; संक्रमण फैल सकता है

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जयपुर: काेराेना संक्रमण काे राेकने के लिए एक तरफ ऑफिसों में बॉयोमेट्रिक उपस्थिति काे बंद कर दिया गया है। वहीं, दूसरी तरफ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के गेहूं को लेने के लिए लाेगाें काे उचित मूल्य की दुकानों में पीओएस मशीन पर अंगूठा लगाना पड़ रहा है।

राज्य में लगभग 39 लाख राशन कार्डधारी परिवार है जाे हर माह राशन का गेहूं उठाते हैं। प्रत्येक राशन कार्ड में परिवार का एक व्यक्ति पीओएस मशीन में बॉयोमेट्रिक पहचान के लिए अंगूठा निशानी से चिह्नित है। राशन का गेहूं लेने के लिए पीओएस मशीन पर एक के बाद एक लाेगाें काे अंगूठा निशानी देनी हाेती है। ऐसे में सरकार द्वारा संक्रमण काे राेकने के लिए जारी की गई बॉयोमेट्रिक प्रणाली काे नहीं छूने के एडवाइजरी की अवहेलना हाे रही है।

हर माह करीब 39 लाख लाेग अंगूठा निशानी देते हैं

राज्य में हर माह करीब 26 हजार दुकानों पर 39 लाख लाेग अंगूठा निशानी देते हैं। 26 हजार उचित मूल्य की दुकानें में करीब 6 हजार शहरी क्षेत्र में और 20 हजार ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। प्रत्येक दुकान पर औसतन 150 से 170 परिवारों काे राशन से गेंहूं वितरण किया जाता है। एक ही पीओएस मशीन पर अनेक लाेगाें के अंगूठा लगाने से संक्रमण के बढ़ने की संभावना हाे सकती है।

संक्रमण फैला तो कराएंगे ओटीपी की व्यवस्था
खाद्य मंत्री रमेश चंद मीणा ने कहा कि इस माह का करीब 90 प्रतिशत गेंहूं वितरण हाे चुका। अगले माह में पीओएस मशीन से संक्रमण फैलने से राेकने के लिए उपभोक्ता के एनएफएसए में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आने की व्यवस्था करवाई जाएगी।

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