दहेज के खिलाफ, मिलेगा तत्व ज्ञान से इंसाफ़

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जयपुर : मानव समाज की पारंपरिक अवधारणा व दहेज जैसी कुरिति को जड़ से हिलाकर समाज में नई ऊर्जा प्रदान करती हुई अनोखी शादी ने शहरवासियों को अचरज में डाल दिया, कबीरपंथी संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी शास्त्री नगर के रहने वाले मोहन दास ने अपने पुत्र व पुत्री की शादी श्रीडुंगरगढ, बीकानेर के भीखमचंद की पुत्री व ओमप्रकाश के सुपुत्र के साथ करके समाजिक बंधनों को दरकिनार करते हुए दहेज मुक्त शादी की,बालाजी मैरिज गार्डन, मुरलीपुरा में संत रामपाल जी महाराज के सत्संग के दौरान मौजूद हजारों की संख्या में इस अनोखी दहेज मुक्त शादी के बारे में लक्षमण सिहं जालौडा ने बताया कि आज के इस दौर माया की हवस से रिश्ते की गरिमा को लोग भूलते जा रहे हैं, जिसके कारण एक बेटी को जीना मुश्किल हो जाता है, मगर आज संत रामपाल जी महाराज के तत्व ज्ञान से आसान हो गया है।इस सराहनीय कार्य को साकार होने मे संत रामपाल जी महाराज की पुस्तक जीने की राह से,भी समाज में सुधार हुआ है, ऐसी शादी जिससे दहेज रुपी बुराई का अंत सहज में इस प्रकार की सादगी से की गई शादी से हो रहा है। महज 17 मिनट में गरीब दास जी महाराज की अमृतवाणी से बिना किसी रस्म रिवाज के संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी शादी रचाकर समाज को अदभुत संदेश दे रहे हैं, जिससे समाज को नई दिशा मिलेगी, सतसंग में हुई इस शादी में हजारों लोग मौजूद थे इस दौरान ना ही कोई भोज रखा गया महज आऐ हुए मेहमानों को चाय बिस्कुट का नाश्ता दिया गया, जिसके लिए सभी ने मुक्तकंठ से प्रशसां की।

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