ज्यसभा से निलंबित सभी 8 सांसदों ने खत्म किया धरना

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नई दिल्ली. राज्यसभा से निलंबित किए जाने वाले सांसदों ने अपना धरना खत्म कर दिया है.विपक्ष के वाकआउट के बाद धरने पर बैठे विपक्षी सांसदों ने अपना धरना समाप्त कर दिया.  धरने पर बैठे सांसदों के मुताबिक एक स्वर से विपक्ष ने अपनी बात कही. लगभग सभी विपक्षी दलों ने वॉकआउट किया इसी कारण धरना समाप्त किया गया है.

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद सैयद नासिर हुसैन ने कहा कि  ‘हम चाहते थे कि  केवल निलंबन निरस्त न हो बल्कि कृषि बिल भी वापस ले लिए जाएं. इसके लिए उचित मतदान हो. लेकिन उस तरह का कुछ भी नहीं होने वाला था क्योंकि सभापति किसी की बात सुनने के लिए तैयार नहीं थे. इसलिए सभी विपक्षी दलों ने बाकी सत्र का बहिष्कार किया. उन्होंने उन सभी लोगों से अपील की जो धरने पर बैठे थे. इस तरह से धरना खत्म हुआ.’

कई विपक्षी दलों ने राज्यसभा की कार्यवाही का बहिकार किया

बता दें राज्यसभा में मंगलवार को कांग्रेस के नेतृत्व में कई विपक्षी दलों ने आठ सदस्यों का निलंबन रद्द करने की मांग करते हुए कार्यवाही का बहिष्कार किया. सबसे पहले कांग्रेस ने कार्यवाही का बहिष्कार किया. इसके बाद आप, तृणमूल कांग्रेस और वाम दलों के सदस्यों ने भी कार्यवाही का बहिष्कार किया. बाद में राकांपा, सपा और राजद के सदस्य भी सदन से बाहर चले गए.

सभापति एम वेंकैया नायडू ने विपक्षी दलों के सदस्यों से सदन की कार्यवाही के बहिष्कार के अपने फैसले पर पुनर्विचार करने और चर्चा में भाग लेने की अपील की. नायडू ने सदन में कहा, ‘मैं सभी सदस्यों से अपील करता हूं कि वे बहिष्कार के अपने फैसले पर फिर से विचार करें और चर्चा में भाग लें.’

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संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि सरकार निलंबित सांसदों को सदन से बाहर रखने को लेकर जिद पर नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर वे सदस्य खेद व्यक्त करते हैं तो सरकार इस पर गौर करेगी. पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने कहा कि सदन की कार्यवाही चलाने के लिए सरकार और विपक्ष को एक साथ बैठ कर फैसला करना चाहिए. इससे पहले विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि विपक्ष आठ सदस्यों का निलंबन रद्द होने तक सदन की कार्यवाही का बहिष्कार करेगा.