बुखार से तड़प रहे बेटे से मिलने 1800 KM गाड़ी चला कर जमशेदपुर आई महिला, फ्लाइट के लिए नहीं थे पैसे

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महाराष्ट्र स्थित पुणे से जमशेदपुर के सफर में सोनिया 10 पेट्रोल पंप्स और तीन ढाबों पर रुकीं. सोनिया के जमशेदपुर पहुंचने पर उनकी कोविड-19 की जांच भी हुई.

जमशेदपुर.कोरोना वायरस के चलते लागू लॉकडाउन के बीच एक महिला अपने बीमार बेटे से मिलने के लिए महाराष्ट्र से झारखंड तक दो पहिया गाड़ी से चली गई. बताया गया कि लॉकडाउन के दौरान बेरोजगार 26 वर्षीय महिला अपने बीमार पांच साल के बेटे से मिलने के लिए पुणे से जमशेदपुर तक गईं. कदमा स्थित भाटिया बस्ती की रहने वाली सोनिया दास अपनी सहेली- सबिया बानो के साथ पुणे से 1,800 किलोमीटर का सफर तय करके शुक्रवार शाम जमशेदपुर पहुंचीं. सोमवार सुबह उनके पति ने बताया कि उनके बेटे को बुखार हो गया है.

दोनों शुक्रवार को जमशेदपुर पहुंची और वहां पहुंचने के तुरंत बाद उनकी कोविड जांच हुई. टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार डीएसपी (हेडक्वार्टर II) अरविंद कुमार ने बताया, ‘हमने एंटीजन टेस्ट करवाए. नेगेटिव पाए जाने के बाद उन्हें क्वारंटीन रहने के लिए कहा.’

‘बालकनी में बेटे को देखा..’
सोनिया ने कहा कि महाराष्ट्र और झारखंड सरकार से उन्होंने ट्वीट के जरिए मदद मांगी लेकिन कोई उम्मीद बंधती ना देख उन्होंने टू व्हीलर से आने का फैसला किया. सोनिया ने बताया कि ‘टाटानगर और पुणे या मुंबई के बीच कोई पैसेंजर ट्रेन नहीं है और हमारे पास हवाई टिकट खरीदने के लिए पैसे नहीं थे. उन्होंने कहा कि ‘सरकार से कोई मदद नहीं मिलने के कारण मैंने गाड़ी चलाने का फैसला किया क्योंकि मैं अपने बेटे को लेकर बहुत चिंतित थी.’

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हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार सोनिया ने, ‘मैंने अपने बेटे और परिवार के अन्य सदस्यों को शुक्रवार शाम को अपनी दोस्त सबिया के साथ टेल्को क्वारंटीन सेंटर में शिफ्ट होने से पहले बालकनी में देखा.’

 

सोनिया मुंबई में एक प्रोडक्शन हाउस के साथ काम कर रही थीं और लॉकडाउन के दौरान उनकी नौकरी छूट गई. घर का किराया ना दे पाने की वजह से उन्हें मुंबई वाले रेंट के घर से निकाल दिया था. इसके बाद वह पुणे में साबिया के घर आ गईं. सोनिया ने बताया कि  1800 किलोमीटर के सफर में वह दस पेट्रोल पंप्स और तीन ढाबों पर रुकी थीं.