हाथ धोने से कोरोना ही नहीं ये बीमारियां भी रहेंगी दूर, जान लें फायदे

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हर साल 15 अक्टूबर को दुनियाभर में ग्लोबल हैंडवॉशिंग डे  मनाया जाता है और इस दिन को सेलिब्रेट करने का उद्देश्य हाथों को अच्छी तरह से धोने के फायदों और महत्व के बारे में लोगों को जागरूक बनाना है. आपने सुना होगा कि डॉक्टर्स भी यही सलाह देते हैं कि हमें अपने हाथों को हमेशा साफ रखना चाहिए और नियमित रूप से हाथों को साबुन पानी से धोना चाहिए क्योंकि गंदे हाथों की वजह से एक नहीं कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं. लिहाजा हाथों को साफ रखना सबसे महत्वपूर्ण चरणों में से एक है जिससे आप खुद भी बीमार पड़ने से बच सकते हैं और दूसरे लोगों तक भी कीटाणुओं को फैलने से रोक सकते हैं.

आखिर कैसे फैलते हैं कीटाणु?

अभी जब पूरी दुनिया नए कोरोना वायरस से होने वाली बीमारी कोविड-19 का सामना कर रही है, ऐसे में हाथों को सफाई का महत्व और भी ज्यादा बढ़ गया है. यह तो हम सभी जानते हैं कि जब हम किसी दूषित सतह को छूते हैं तो सतह पर मौजूद कीटाणु हमारे हाथों पर चिपक जाते हैं और फिर गंदे हाथों से जब हम अपनी आंख, नाक और मुंह को छूते हैं तो हाथों पर लगे कीटाणु शरीर के इन अंगों के माध्यम से हमारे शरीर के अंदर प्रवेश कर हमें बीमार बना देते हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनियाभर में शौचालय का उपयोग करने के बाद भी हाथ धोने की अनुमानित वैश्विक दर केवल 19 प्रतिशत ही है यानी बड़ी संख्या में लोग टॉयलेट का इस्तेमाल करने के बाद भी हाथ नहीं धोते हैं.

अच्छी तरह से हाथ धोना आपको सांस से जुड़ी और पेट से जुड़ी कई बीमारियों और संक्रमण के कारण बीमार पड़ने से बचा सकता है. तो आखिर कैसे फैलते हैं कीटाणु :

जब भी हम अपने गंदे हाथों से अपनी आंख, नाक और मुंह को छूते हैं.

हाथों को बिना साफ किए, गंदे हाथों से ही खाना पकाते हैं, खाना खाते हैं या पेय पदार्थों का सेवन करते हैं.

किसी दूषित सतह या गंदी चीजों को छूते हैं जिससे कीटाणु सतह से हमारे हाथों पर चिपक जाते हैं.

टीशू पेपर या रूमाल की बजाए हाथ से नाक साफ करते हैं, हाथों में ही खांसते या छींकते हैं और उसके बाद हाथों को साफ किए बिना उसी गंदे हाथ से दूसरों से हाथ मिला लेते हैं या फिर कॉमन सतहों या चीजों को छूते हैं.

हाथ धोने से किन बीमारियों से बच सकते हैं?

इंसान या जानवरों का मल (पूप) साल्मोनेला, ई.कोलाई और नोरोवायरस जैसे कई खतरनाक कीटाणुओं का एक महत्वपूर्ण स्रोत है, जिसकी वजह से डायरिया होने का खतरा हो सकता है और साथ ही में श्वसन संक्रमण जैसे एडेनोवायरस और हैंड फुट माउथ डिजीज भी फैल सकता है.आपको जानकर हैरानी होगी कि अगर आप नियमित रूप से हाथ धोएं तो, डायरिया होने के कारण बीमार पड़ने वाले लोगों की तादाद को 23 से 40 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है. साबुन से हाथ धोने से 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में निमोनिया से संबंधित संक्रमण की संख्या 50% तक कम हो सकती है. वैसे लोग जिनका इम्यून सिस्टम (रोगों से लड़ने की क्षमता) कमजोर है उनमें भी दस्त, लूज मोशन और पेट से जुड़ी कई और समस्याएं होने के खतरे को 58 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है.. श्वसन से जुड़ी बीमारियां जैसे सर्दी-जुकाम को भी सामान्य आबादी में 16 से 21 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है. गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल यानी जठरांत्र से जुड़ी बीमारियां होने के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों को अक्सर स्कूल से छुट्टी लेनी पड़ती है, तो इसमें भी 29 से 57 प्रतिशत तक कमी की जा सकती है. अक्सर पेट और डायरिया से जुड़ी बीमारियां और श्वसन संक्रमण के इलाज के लिए बड़ी मात्रा में एटीबायोटिक्स प्रिस्क्राइब की जाती है. ऐसे में अगर आप नियमित रूप से हाथ धोएं तो एंटीबायोटिक्स के ओवरयूज और एंटीबायोटिक्स रेजिस्टेंस (प्रतिरोध) की समस्या को भी कम किया जा सकता है

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हाथ नहीं धोने के कारण बच्चों को होता है नुकसान

आपको बता दें कि सही तरीके से हाथ न धोने के कारण हर साल दुनियाभर में करीब 18 लाख बच्चों की डायरिया और निमोनिया के कारण मृत्यु हो जाती है. डायरिया और निमोनिया छोटे बच्चों में मृत्यु का सबसे बड़ा कारण है. साबुन-पानी से अच्छी तरह से हाथ धोने के बाद हर 3 में से 1 बच्चे को डायरिया जैसी बीमारी से सुरक्षित रखा जा सकता है और हर 5 में से 1 बच्चे को निमोनिया जैसे श्वसन संक्रमण से बचाया जा सकता है.

कब-कब हाथ धोना है जरूरी?

नियमित रूप से हाथ धोकर आप खुद को और अपने प्रियजनों को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं, विशेष रूप से इन कामों को करने के बाद तो आपको निश्चित रूप से हाथ धोना चाहिए क्योंकि ऐसा न करने से रोगाणुओं के फैलने की आशंका बढ़ जाती है :

खाना पकाने से पहले, पकाने के दौरान और पकाने के बाद

खाना खाने से पहले

उल्टी या दस्त के कारण कोई घर में बीमार हो तो बीमार व्यक्ति की देखभाल करने से पहले और बाद में

किसी चोट या घाव का इलाज करने से पहले और बाद में

शौचालय का उपयोग करने के बाद

बच्चे का डायपर बदलने के बाद या शौचालय का इस्तेमाल करने वाले बच्चे की सफाई करने के बाद

अपनी बहती हुई नाक को साफ करने के बाद, खांसने और छींकने के बाद

किसी जानवर को छूने, पशु चारा, या पशु अपशिष्ट को छूने के बाद