Jaipur International Airport: यात्रीभार में जबर्दस्त गिरावट, अब कोरोना के खौफ से दूर हुए यात्री

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जयपुर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर गत साल के मुकाबले इस साल यात्री भार में जबर्दस्त गिरावट दर्ज की गई है. यह गिरावट अंतरराष्ट्रीय और घरेलू  दोनों ही तरह के यात्रियों में आई है. लॉकडाउन के लंबे समय के बाद शुरू हुए एयरपोर्ट पर अब भी यात्रीभार में कोई बहुत ज्यादा इजाफा नहीं हो पाया है. अनलॉक-1 (Unlock-1) के दौर में शुरू की गई उड़ानें भी यात्रीभार के मद्देनजर एयरपोर्ट को कोई बहुत ज्यादा राहत नहीं दे पाई है.

12.5 फीसदी कम हो गए अंतरराष्ट्रीय यात्री
जयपुर एयरपोर्ट की रिपोर्ट मुताबिक वर्ष 2018-19 में कुल 6.04 लाख अंतरराष्ट्रीय यात्रियों ने यात्रा की थी, लेकिन वर्ष 2019-20 में इन यात्रियों की संख्या घटकर 5.28 लाख रह गई. मार्च 2020 में 17,893 अंतरराष्ट्रीय यात्रियों यात्रा की, जबकि गत वर्ष मार्च माह में 52,321 यात्रियों ने यात्रा की थी. यानी महज मार्च महीने में ही दो तिहाई यात्री कम हो गए. अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की संख्या में इस साल 12.5 फीसदी की कमी हो गई है.

घरेलू यात्रियों में 4 लाख 40 हजार की गिरावट

कुछ ऐसा ही हाल घरेलू यात्रियों का रहा है. इसमें भी गत वर्ष के मुकाबले काफी गिरावट आई है. वर्ष 2018-19 में कुल 54.71 लाख घरेलू यात्रियों ने उड़ान भरी थी. जबकि वर्ष 2019-20 में इनकी भी संख्या घटकर 50.31 लाख रह गई. इस एक वर्ष में घरेलू यात्रियों की संख्या में 4 लाख 40 हजार की गिरावट आई है. यह पिछले साल के मुकाबले 8 फीसदी कम है. गत वर्ष अकेले मार्च में 4.61 लाख घरेलू यात्रियों ने यात्रा की जबकि इस वर्ष इसी अवधि यह संख्या महज 2.70 लाख पर सिमटकर रह गई. बीते एक वर्ष में कम हुए यात्रीभार के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं

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मार्च के बाद कोरोना के खौफ ने यात्रियों को छिटका दिया
दूसरी तरफ इस वर्ष मार्च के बाद कोरोना के खौफ ने लोगों को फ्लाइट्स से दूर कर दिया. इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि अनलॉक-1.0 शुरू होने के बाद जबसे घरेलू उड़ानें शुरू की गई हैं तब से केवल वे ही यात्री यात्रा कर रहे हैं जिनकी कोई ना कोई मजबूरी है. अन्यथा लोग कोरोना के भय से यात्रा से बच रहे हैं. हालात यह है अनलॉक-1.0 शुरू होने के बाद जयपुर से विभिन्न शहरों के लिए प्रतिदिन 20 फ्लाइट्स शेड्यूल की गई थी, लेकिन इनमें से आधी फ्लाइट्स यात्री भार के अभाव में रोजाना रद्द हो जाती है. दो बार तो यह भी हो चुका है कि विमानों को महज 1-1, 2-2 यात्रियों को लेकर उड़ान भरनी पड़ी है.