जयपुर के जिस 10 मंजिला अस्पताल में संदिग्धों को भर्ती कराया गया, वहां के सभी मरीज 24 घंटे के अंदर छुट्टी लेकर चले गए

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जयपुर:  इटली के पर्यटक एंड्री कार्ली और उनकी पत्नी की जांच में कोरोनावायरस पॉजिटिव होने के बाद एमएमएस अस्पताल के आईसोलेशन वार्ड में भर्ती 9 संदिग्धों को मंगलवार रात को प्रताप नगर स्थित राजस्थान यूनिवर्सिटी एंड हेल्थ साइंसेज (आरयूएचएस) हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया गया। अस्पताल के वार्ड नंबर 286 में संदिग्धों के शिफ्ट होने की खबर फैलते ही 10 मंजिला इस अस्पताल से सभी मरीज छुट्टी लेकर चले गए। आईसीयू समेत पुरुषों और महिलाओं के सामान्य वार्ड से भी मरीज छुट्टी लेकर चले गए।

नर्स और वॉर्ड बॉय भी संक्रमितों के कमरे से दूर बैठे

संदिग्ध मरीजों को अस्पताल की दूसरी मंजिल वॉर्ड नंबर 286 में रखा गया है। उनकी देखरेख के लिए दो नर्सिंग कर्मचारी और एक वार्ड बॉय को लगा रखा है। वे भी वार्ड से काफी दूर बैठे हैं। इनमें से भी एक के पास ही वायरस से बचने की किट है। इनको जो मास्क दिए गए हैं, उनकी गुणवत्ता भी अच्छी नहीं है। कर्मचारियों ने कहा कि घरवाले संक्रमण की आशंका से परेशान हैं और लगातार वापस आने का दबाव बना रहे हैं। मेल वार्ड के नर्सिंग स्टॉफ केशव धाकड़ के ने बताया कि 11 मरीज वॉर्ड में थे और सभी चले गए। सामान्य वॉर्ड में 6 मरीज थे, यहां भी सभी बेड खाली हो गए। अस्पताल परिसर में बने हॉस्टल में से भी कुछ छात्र बाहर चले गए हैं।

ओपीडी में 500 मरीजों की एंट्री होती थी, 80 रह गई

आरयूएचएस में रोजाना लगभग 400 से 500 मरीजों की आउटडोर पेशेंट यूनिट (ओपीडी) में एंट्री होती थी। मंगलवार को भी सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक यह सिलसिला बना रहा। लेकिन, बुधवार को मीडिया में आई खबरों से कोरोना संदिग्धों के देर रात आरयूएचएस अस्पताल में शिफ्ट होने का पता चला। अस्पताल में सन्नाटा पसर गया। आउटडोर में दिखाने आए मरीजों की संख्या लगभग 50 से 80 के बीच रह गई।

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मरीज वापस भी लौटे

कैलाश चंद बैरवा शाम करीब 6:30 बजे अपनी रिश्तेदार महिला की जांच रिपोर्ट डॉक्टर को दिखाने आए थे। लेकिन वे जब रिपोर्ट लेकर आरयूएचएस अस्पताल पहुंचे तो स्टॉफ ने कहा कि अभी आप अंदर नहीं जा सकते। एसएमएस से मरीज आया है। उसका इलाज चल रहा है। इसलिए आप बाद में आना। पीड़ित मरीज और रिश्तेदार ने काफी गुहार की। लेकिन, निराश होकर लौटना पड़ा।