शहीद शमशेर को कल किया जायेगा सुपुर्द-ए-खाक, 4 पीढ़ियों से परिवार दे रहा है सेना में सेवा

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भारत-चीन की सीमा पर पेट्रोलिंग के दौरान आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए राजस्थान के लाडले भारतीय सेना के नायब सूबेदार शमशेर अली खान की पार्थिव देह को कल सुपुर्द-ए-खाक किया जायेगा. उनकी पार्थिव देह शुक्रवार रात 9 बजे तक उनके पैतृक गांव झुंझुनूं के गुढ़ागौड़जी के समीप बामलास पंचायत के हुकुमपुरा पहुंचेगी.

पैतृक गांव में शनिवार को सुबह 11 बजे सैन्य सम्मान के साथ शहीद खान को सुपुर्द-ए- खाक किया जायेगा. शमशेर अली खान भारत-चीन की सीमा पर पेट्रोलिंग के दौरान आतंकियों से लोहा लेते हुए गुरुवार को तड़के शहीद हो गए थे 24 ग्रेनेडियर यूनिट शहीद नायब सूबेदार शमशेर अली खान अरुणाचल प्रदेश के टेंगा में में तैनात थे. वे गत बुधवार रात को चीन की सीमा पर पेट्रोलिंग के दौरान हुई आतंकी हरकत में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए थे.  शमशेर अली खान का परिवार पिछली चार पीढ़ियों से सेना के माध्यम से देश की सेवा में लगा हुआ है. अब उनके परिवार की 5वी पीढ़ी भी सेना में जाने के लिये तैयार है. उनके पड़दादा बागी खां, दादा फैज मोहम्मद और पिता सलीम अली भी सेना से रिटायर्ड हैं. शहीद के पिता सलीम अली को बेटे को खोने का गम जरुर है, लेकिन उससे ज्यादा उन्हें बेटे पर फख्र भी है. शहीद शमशेर अली के 16 और 12 साल के बेटे भी सेना में जाने को तैयार हैं. इससे इस परिवार में देशभक्ति के जज्बे का अंदाजा लगाया जा सकता है. शहीद के दो बेेटे और एक बेटी है.

शहीद शमशेर की राह तकता उसका घर. शमशेर जिस पाइनिज पोस्ट पर शहीद हुये हैं उसकी ऊंचाई करीब 18 हजार फीट है. वहां पर शमशेर अली खान ने गुरुवार सुबह साढ़े चार बजे अंतिम सांस ली थी. उनकी पार्थिव देह शुक्रवार देर रात तक उनके पैतृक गांव पहुंचने की संभावना है. आज गांव में उनके जोश और जुनून की कहानियों के चर्चे चल रहे हैं. परिवार और गांव के लोग भारी मन से शहीद को सुपुर्द-ए-खाक करने की तैयारियों में लगे हैं.

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