लगातार छठे दिन भी तेजी के साथ बंद हुआ बाजार, निवेशकों ने एक दिन में कमाएं 2 लाख करोड़ रुपये

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घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को भी लगातार छठे दिन भी तेजी रही. वैश्विक बाजारों में तेजी के बाद आज घरेलू बाजार रिकॉर्ड स्तर पर बंद होने में कामयाब रहे. सोमवार को सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 704 अंक यानी 1.68 फीसदी की बढ़त के साथ 42,597.43 के स्तर पर बंद हुआ. निफ्टी में भी आज 197.50 अंकों की तेजी देखने को मिली है और यह 12,461 ​के स्तर पर बंद हुआ. बाजार में तेजी के कारण महज आज के कारोबार से ही निवेशकों को करीब 2 लाख करोड़ रुपये का फायदा हुआ है. बैंकिंग और एनर्जी सेक्टर में सबसे ज्यादा 2 फीसदी की तेजी देखने को मिली. हालांकि, सभी सेक्टर्स हरे निशान पर बंद होने में कामयाब रहे. बीएसई मिडकैप व स्मॉलकैप इंडेक्स में 1 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली.

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर आज तेजी वाले शेयरों में डिविस लैब्स, इंडसइंड बैंक, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक और ​एक्सिस बैंक के स्टॉक्स शामिल रहे. जबकि सिप्ला, अडानी पोर्ट्स, आईटीसी, मारुति सुजुकी इंडिया और डॉ रेड्डीज लैब्स के शेयरों में आज गिरावट रही.

आज लगातार छठे दिन तेजी के बाद शेयर बाजार निवेशकों को 2.08 लाख करोड़ रुपये का फायदा हुआ है. दरअसल, बीते शुक्रवार को दिनभर के कारोबार के बाद बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का कुल बाजार पूंजीकरण 1,63,60,699.17 करोड़ रुपये रहा. सोमवार को कारोबार के बाद यह बढ़कर 1,65,69,294.87 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. इस प्रकार महज एक दिन के कारोबार में निवेशकों को 2.08 लाख करोड़ रुपये का फायदा हुआ.

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आज बाजार में रिकॉर्ड तेजी के कई कारण रहे. अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के जो बाइडन की जीत के बाद से बाजार का सेंटीमेंट अच्छा रहा. एनलिस्ट्स और एक्सपर्ट्स का मानना है कि जो बाइडन के कार्यकाल से बाजार को फायदा होगा.

इसके अलावा संस्थागत विदेशी निवेश (FII) भी लगातार घरेलू बाजार पर भरोसा जता रहा हैं. नवंबर महीने में अब तक निवेशकों ने घरेलू बाजार में 13,399 करोड़ रुपये का निवेश किया है. साथ ही, वैश्विक बाजारों में साकारात्मक कारोबार देखने को मिल रहा है. बाजार की तेजी के पीछे एक कारण दूसरी तिमाही के नतीजे भी हैं. दूसरी तिमाही में कई कंपनियों के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं.

मैक्रोइकोनॉमिक स्तर पर भी निवेशकों के सेंटीमेंट पॉजिटिव रहे हैं. देश में ईंधन और बिजली की मांग बढ़ी है. जीएसटी कलेक्शन के आंकड़े 8 महीने में पहली बार 1 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचे हैं. यही कारण है कि बाजार में बीते 6 दिन से लगातर तेजी दर्ज की की जा रही है.