पशुपालन विभाग करौली द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला हुई आयोजित

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पशुपालन विभाग करौली के द्वारा सोमवार को एक दिवसीय “एवियन इनफ्लुएंजा, बोटूलिज्म एन्ड अदर इमर्जिंग डिजीज” विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें जिले की सभी पशु चिकित्सा संस्था प्रभारियों ने भाग लिया। कार्यशाला की अध्यक्षता पशुपालन विभाग भरतपुर के अतिरिक्त निदेशक डॉ बी एल मीणा ने की।
जिला वन अधिकारी नंद लाल प्रजापत,उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सतीश मीना, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ खुशीराम मीना, पशु जिला रोग निदान प्रयोगशाला प्रभारी डॉ लज्जा राम मीणा, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ ब्रह्म कुमार पांडेय ने अपने अपने विषय पर तकनीकी जानकारी दी।
इससे पूर्व मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
कार्यक्रम के प्रारंभ में गत दिनों तेलंगाना में दरिंदगी का शिकार हुई डॉ प्रियंका रेड्डी को 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यशाला में अतिरिक्त निदेशक डॉ बीएल मीणा ने बताया कि आज के परिवेश में पशुपालन विभाग के साथ-साथ वन विभाग व स्वास्थ्य विभाग कोसाझा कार्यक्रम बनाकर समाज को मानव रोग एवं पशु रोगों से बचाना होगा ,क्योंकि आज के परिवेश में स्क्रब टायफस, कांगो फीवर,बर्ड फ्लू ,रेबीज एवं ब्रूसेलोसिस जैसी जूनोटिक बीमारियां पशुओं से इंसानों में फैल रही है।
जिला वन अधिकारी नंदलाल प्रजापत ने बताया कि पिछले दिनों सांभर झील में हुई पक्षी त्रासदी के बाद इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाना बेहद उपयोगी है।
उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सतीश मीणा ने स्क्रब टायफस फीवर के कारण लक्षण एवं बचाव के उपाय बताएं।
जिला पशु रोग निदान प्रयोगशाला के प्रभारी लज्जाराम मीणा ने बर्ड फ्लू एवं ब्रूसेलोसिस के कारण एवं बचाव के उपाय बताते हुए लक्षणों की जानकारी दी। साथ ही कहा कि इन बीमारियों के लक्षण पाए जाने पर तुरंत सूचना जिला रोग निदान प्रयोगशाला को दें,जिससे समय रहते सैंपल जांच करवाकर बीमारी को फैलने से रोका जा सके।
वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ ब्रह्म कुमार पांडेय ने बताया कि जूनोटिक डिजीज के मामले में सबसे ज्यादा सावधानी बरतने की आवश्यकता पशु चिकित्सक एवं पशु चिकित्सा सेवाओं से जुड़े अन्य स्टाफ को है उन्होंने जूनोटिक डिजीज से बचाव एवं सावधानियों के बारे में बताया।
कार्यक्रम के दौरान पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ खुशी राम मीणा ने विभागीय कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए एफ एम डी सी पी के नवें चरण में टीकाकरण का शत-प्रतिशत लक्ष्य अर्जित करने,कृषि कल्याण अभियान के अंतर्गत कृत्रिम गर्भाधान एवं बांझपन निवारण शिविर,डोजिंग, डस्टिंग के सौ प्रतिशत लक्ष्य अर्जित करने पर जोर दिया ।
प्रारंभ में सभी अतिथियों का उप निदेशक डॉ बीएल गुप्ता,डॉ एल एल मीना, डॉ अनुराग कटियार,डॉ एल एन मीना, पशु चिकित्सक संघ के अध्यक्ष मुंशी लाल मीणा,सचिव डॉ केशव गुप्ता,पशु चिकित्सा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष बृजमोहन मीना, नीरज मीणा,राजेश शर्मा ने माला व साफा पहनाकर स्वागत किया।
कार्यक्रम के समापन सत्र में अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुदर्शन सिंह तोमर मुख्य अतिथि एवं जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रकाश चंद मीना विशिष्ठ अतिथि रहे।
अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुदर्शन सिंह तोमर मूक पशुओं के प्रति दयाभाव बनाये रखने की अपील की।साथ ही ईको सिस्टम की सुरक्षा पर जोर देने की बात कही।
कार्यक्रम का संचालन पशु चिकित्सा कर्मचारी संघ के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष ललित शर्मा ने किया।

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