हालत गंभीर, भू-माफियाओं ने अतिक्रमण रोकने गए वनकर्मी पर चढ़ाया ट्रैक्टर

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बारां जिले में भू-माफियाओं ने अतिक्रमण रोकने गए वन विभाग के कर्मचारी पर ट्रैक्टर चढ़ा कर उन्‍हें जान से मारने की कोशिश की. वनकर्मी की हालत गंभीर बनी हुई है.

बारां. राजस्‍थान में भू और खनन माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि वे अब सरेराह जानलेवा हमला करने से भी नहीं चूक रहे हैं. इसकी बानगी बारां जिले में गत दो दिनों में हुई घटनाओं में देखी जा सकती है. जिले में बीते 2 दिनों में भू-माफियाओं द्वारा वन विभाग के कर्मचारियों के साथ मारपीट की दूसरी बड़ी घटना सामने आई है. शाहबाद वन क्षेत्र में गुरुवार देर रात माफियाओं ने अतिक्रमण करने से रोकने आए वनकर्मी पर ट्रैक्टर चढ़ाकर उन्‍हें जान से मारने का प्रयास किया. वनकर्मी की हालत गंभीर बनी हुई है. उनका बारां जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है. इससे पहले अलवर जिले में बजरी माफियाओं ने होमगार्ड के एक जवान पर ट्रैक्टर चढ़ाकर उनकी हत्‍या कर दी थी.

जानकारी के अनुसार, बारां जिले के शाहाबाद वन मंडल के आगर क्षेत्र में गुरुवार रात करीब 1.30 बजे वन कर्मचारियों को भू-माफियाओं द्वारा वन विभाग की भूमि पर अतिक्रमण करने की सूचना मिली थी. इस पर शाहबाद रेंज के 4 कर्मचारी रात को अतिक्रमण रोकने पहुंचे. इस दौरान वहां कुछ लोग ट्रैक्टर से वन भूमि पर हंकाई करते मिले. कर्मचारियों ने जब उनको रोक कर ट्रैक्टर जब्त करने की कोशिश की चालक ने ट्रैक्टर वन कर्मचारियों पर ही चढ़ा दिया. इससे वनरक्षक मिथुन गंभीर रूप से घायल हो गए. उनके हाथ और पैर टूट गये. वारदात को अंजाम देने के बाद ट्रैक्टर चालक और उसके साथी मौके से फरार हो गये. उसके बाद ट्रैक्टर को जब्त कर शाहबाद वन विभाग कार्यालय लाया गया. विभाग आगे की कार्रवाई में जुटा हुआ है.

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होमगार्ड के जवान की हत्‍या

उल्लेखनीय है कि 26 जुलाई को अलवर जिले में स्थित सरिस्का बाघ परियोजना में बजरी माफियाओं ने होमगार्ड के जवान श्रीगंगानगर निवासी केवल सिंह पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया था. इससे केवल सिंह की मौत हो गई थी. उसके बाद हाल ही में स्वतंत्रता दिवस पर होमगार्ड के निदेशालय की ओर से केवल सिंह को मरणोपरांत ‘डीजी होमगार्ड कमेंडेशन डिस्क’ और ‘प्रशस्ति-पत्र’ से सम्मानित किया गया था. होमगार्ड ने पहली बार नवाचार के रूप में इस पुरस्कार की शुरुआत की है. इस सम्मान से सम्मानित होने वाले केवल सिंह होमगार्ड विभाग के पहले कर्मचारी थे.