जानिए क्या है पूरा मामला-चैम्बर और आवास को लेकर प्रदेश के शीर्ष ब्यूरोक्रेट्स में तनातनी

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राजस्थान में ब्यूरोक्रेट्स में भी लगातार टकराव बढ़ता जा रहा है. अब प्रदेश के दो टॉप ब्यूरोक्रेट्स में चैम्बर और आवास को लेकर तनातनी चल रही है.

जयपुर. राजस्थान में बीजेपी के सांसदों-विधायकों और ब्यूरोक्रसी में ही टकराव नहीं हो रहा है, बल्कि खुद ब्यूरोक्रेट्स  में आपस में बड़ा क्लेश हो रहा है. प्रदेश के दो शीर्ष ब्यूरोक्रेट्स में चैम्बर्स को लेकर तनातनी चली रही है. देखने में यह बात भले ही छोटी लग रही है, लेकिन इससे दोनों के बीच जमकर घमासान मचा हुआ है.

एसीएस ग्रामीण एवं पंचायतीराज रोहित कुमार सिंह और गृह विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेट्री अभय कुमार चैम्बर को लेकर आमने सामने हैं. यह मामला मुख्य सचिव राजीव स्वरूप तक जा पहुंचा है. मुख्य सचिव की दखल के बाद भी फिलहाल एसीएस रोहित कुमार सिंह चैम्बर नंबर 3204 खाली नहीं करने पर अड़े हैं.

शीर्ष ब्यूरोक्रेट्स में इसलिए बनी टकराव की स्थिति

दरअसल गहलोत सरकार ने 18 अगस्त को एसीएस गृह रोहित कुमार सिंह का तबादला एसीएस ग्रामीण एवं पंचायतीराज के पद पर कर दिया था. एसीएस ग्रामीण एवं पंचायतीराज का चैम्बर एसएसओ बिल्डिंग में है. वरिष्ठ आईएएस अभय कुमार को प्रमुख शासन सचिव गृह की जिम्मेदारी सौंपने के बाद से ही चैम्बर को लेकर दोनों आईएएस अफसरों में टकराव शुरू हो गया. अभय कुमार को सचिवालय की मैन बिल्डिंग में कमरा नम्बर 5022 मिला हुआ है. यह चैम्बर अपेक्षाकृत छोटा है. अभय कुमार ने रोहित कुमार सिंह द्वारा चैम्बर खाली करने का इंतजार किया, लेकिन ऐसा नहीं होने पर उन्होंने ने मुख्य सचिव राजीव स्वरूप को पत्र लिख दिया. मुख्य सचिव ने कार्मिक विभाग की सेक्रेटरी रोली सिंह और रोहित कुमार सिंह के साथ अलग-अलग मीटिंग कर मामले को सुलटाने के निर्देश दिए हैं. लेकिन अभी इसका निपटारा नहीं हुआ है.

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आवास को लेकर भी हो चुका है टकराव

ब्यूरोक्रेट्स में चैम्बर्स को लेकर नहीं बल्कि आवास को लेकर भी कई बार टकराव की स्थिति बन चुकी है. हाल ही में राजीव स्वरूप के मुख्य सचिव बनते ही उनके गांधीनगर स्थित आवास को पीडब्ल्यूडी विभाग की एसीएस वीनू गुप्ता को आवंटित कर दिया था. इस पर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों से नाराज हो गए थे. अधिकारियों ने आनन-फानन में वीनू गुप्ता को आवंटित किया आवास रद्द कर दिया. वरिष्ठ आईएएस वीनू गुप्ता पूर्व मुख्य सचिव डीबी गुप्ता की पत्नी हैं. वीनू गुप्ता को पहले कोई आवास आवंटित नहीं था. वे अपने पति डीबी गुप्ता को मिले आवास में ही रहती थी. लेकिन डीबी गुप्ता को सीएस पद से हटाये के बाद वीनू गुप्ता ने नए आवास के लिए आवेदन किया था.