रोशनी भी होगी तेज, आंखों में हो रही खुजली या जलन तो करें ये अचूक आयुर्वेदिक इलाज

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आंखों की जरिए ही हम अपने आसपास की सभी चीजों को बड़ी आसानी से और साफ तौर पर देख सकते हैं. आंखों के स्वस्थ रहने पर ही हम अपने दिनचर्या के सभी कार्यों को बड़ी आसानी से पूरा कर लेते हैं. इसलिए आंखों की देखभाल करना हमारे लिए काफी अहम हो जाता है.

आंखों की जरिए ही हम अपने आसपास की सभी चीजों को बड़ी आसानी से और साफ तौर पर देख सकते हैं. आंखों के स्वस्थ रहने पर ही हम अपने दिनचर्या के सभी कार्यों को बड़ी आसानी से पूरा कर लेते हैं. इसलिए आंखों की देखभाल करना हमारे लिए काफी अहम हो जाता है. लैपटॉप और मोबाइल पर घंटों समय बिताने से आंखों में जलन और ड्राईनेस को दूर करने के लिए भी आयुर्वेदिक उपाय काफी कारगर हो सकते हैं. यहां जानें आंखों की समस्याओं को दूर करने के साथ आंखों की रोशनी को कैसे बढ़ाएं?

आंखों के व्यायाम
कुछ व्यायाम आपकी आंखों को अधिक लचीला बनाने में मदद करते हैं. ये आंखों के ब्लड सर्कुलेशन में सुधार कर सकते हैं और आपको रोशनी को बेहतर बनाने में मददगार हो सकते हैं. व्यायाम आंखों पर तनाव कम करते हैं और आपकी एकाग्रता की शक्ति में भी सुधार कर सकते हैं. इसके लिए अपनी आंखों को घड़ी की दिशा में और एंटीक्लॉकवाइज दिशाओं में कुछ सेकंड के लिए घुमाएं. अपनी आंखों को थोड़ा आराम देने के लिए सेट के बीच में ब्लिंक करें. आप फड़फड़ाने की कोशिश भी कर सकते हैं. बार-बार 20 से 30 सेकंड के लिए अपनी आंखों को जल्दी से झपकाएं.

बादाम 
बादाम का सेवन करने से भी आंखों की रोशनी को बढ़ाने में काफी मदद मिलती है. बादाम में विटामिन-ए की भरपूर मात्रा पाई जाती है. आप चाहें तो इसे दूध के साथ ही खाने में इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके जरिए आपको दूध और बादाम दोनों में मौजूद विटामिन-ए की मात्रा मिलेगी जो आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करती है. ज्यादातर लोगों के द्वारा आंखों को स्वस्थ रखने के लिए बादाम मिल्क का सेवन रात को सोने से पहले जरूर किया जाता है.

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आंवला का सेवन
आंवला एक ऐसा फल है जिसे आप अलग-अलग रूपों में खा सकते हैं. इसकी चटनी से लेकर इसके अचार और मुरब्बे के साथ- जूस के रूप में भी सेवन किया जाता है. दरअसल इसमें विटामिन-सी की मात्रा पाई जाती है जो एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है. एंटी ऑक्सीडेंट रेटिना को स्वस्थ रखने का काम करती है. वहीं, रेटिना का स्वस्थ बने रहना हमारी आंखों की रोशनी को मेंटेन रखने में मददगार साबित होता है.

सौंफ
इस जड़ी बूटी में पोषक तत्व और एंटीऑक्सिडेंट मोतियाबिंद की प्रगति को धीमा करने के लिए जाने जाते हैं. और ये स्वस्थ आंखों को बढ़ावा देते हैं. इस उद्देश्य के लिए बड़ी किस्म के बीजों का उपयोग किया जाना चाहिए. एक ग्राइंडर में एक कप बादाम, सौंफ और चीनी मिलाएं और इस पाउडर को पीस लें. सोने से पहले एक चम्मच इस चूर्ण को एक गिलास दूध के साथ खाएं. इसे 40 दिनों के लिए दोहराएं और अपनी दृष्टि में सुधार देखें.

जंगली शतावरी
आयुर्वेद में यह जंगली शतावरी है जो आंखों की रोशनी में सुधार के लिए उत्कृष्ट जड़ी बूटी है. इस जड़ी बूटी में आंखों के स्वस्थ और लंबे जीवन को बढ़ावा देने की क्षमता माना जाती है. इसके लिए, एक चम्मच जंगली शतावरी को थोड़े से शहद के साथ मिलाएं और रोजाना एक कप गर्म गाय के दूध के साथ इसका सेवन करें. कुछ महीनों के लिए इसे दोहराएं.