लॉकडाउन में बने 40 गरीब परिवारों के मसीहा, मिसाल बने चूरू के थानेदार महेंद्रदत्त

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नारेंद्र राठौड़, चूरू: कहते हैं रिश्ते खून के ही होते हैं. पर ऐसा नहीं है. कुछ रिश्ते जज्बातों और दिल के होते हैं, जो एक बार बन जाने पर कभी नहीं छूटते. ऐसा ही रिश्ता है सरदारशहर के थानाधिकारी महेंद्रदत्त शर्मा का और तारानगर रोड के पास झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले 40 के करीब परिवारों का.

थानेदार का नाम आते ही सामने आता है एक सख्त और रौबदार चेहरा, लेकिन ऐसा नहीं है. थानेदार कहीं-कहीं ममतामय भी नजर आते हैं. सरदारशहर के थानाधिकारी महेंद्रदत्त शर्मा हर दिन कुछ नया करते हैं, जिससे पुलिस की छवि भी आम जनता के बीच बेहतर हो रही है.

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महेंद्रदत्त शर्मा का तारानगर रोड स्थित झुग्गी झोपड़ी में रहकर जीवन यापन करने वाले लोगों के अनूठा रिश्ता है. लॉकडाउन के दौरान थानाधिकारी ने इन 40 परिवारों को गोद लिया था और इन्हें राशन पहुंचाया था. थानाधिकारी शर्मा एक बार फिर झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले परिवारों के बीच पहुंचे और उनके बच्चों को पढ़ाई करने के लिए कॉपियां रबड़-पेंसिल दिए और फल और बिस्कुट खिलाए.

इस दौरान झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों से थानाधिकारी ने कहा कि अपने बच्चों को पढ़ाएं-लिखाएं और डॉक्टर इंजीनियर बनाएं ताकि आगे जाकर यह बच्चे पढ़ लिख कर अपना अच्छा जीवन यापन कर सकें. इस दौरान थाना अधिकारी ने सभी परिवारों को अपने बच्चों को स्कूल खुलने पर स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया. झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले परिवारों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि हमारे आस पास कोई स्कूल या कोई पढ़ाने वाला नहीं है यदि स्कूल या कोई पढ़ाई की व्यवस्था हो जाए तो हमारे बच्चे भी पढ़ लिख सकेंगे.

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इस पर थाना अधिकारी ने कहा कि मैं प्रशासनिक अधिकारियों से बात कर इन बच्चों के लिए पढ़ने-लिखने की व्यवस्था करवाने का हर संभव प्रयास करूंगा.  थानाधिकारी के जाते समय मिट्टी की मूर्ति बनाने वाले एक परिवार ने भगवान श्री कृष्ण की मूर्ति भी भेंट की.