Lockdown: किसानों को मुफ्त में मिलेंगे कटाई-जुताई के उपकरण, ऐसे उठाएं फायदा

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प्रदेश में पहली बार सीएसआर एक्टिविटी के तहत किसानों को भी मदद मुहैया करवाई जाएगी. लॉकडाउन के चलते बनी परिस्थितियों में कृषि उपकरण बनाने वाली कंपनियों की ओर से यह निर्णय लिया गया है. फिलहाल कृषि उपकरण बनाने वाली दो प्रमुख कंपनियां इसके लिए आगे आई हैं. इन कंपनियों ने मुख्य सचिव को इसका प्रस्ताव भेजा है जिसे स्वीकार कर लिया गया है.

भविष्य में किसानों को नियमित तौर पर इसका लाभ मिलता रहेगा
योजना के मुताबिक टैफे और ईएम थ्री कंपनियों की ओर से फसल की कटाई, थ्रेसिंग और जुताई आदि में उपयोग लिए जाने वाले उपकरण किसानों को मुफ्त में उपलब्ध करवाए जाएंगे. निजी कंपनियों को अपने मुनाफे की 2 प्रतिशत राशि सामाजिक कार्यों पर खर्च करने का प्रावधान है. यह पहली बार है जब कृषि कार्य को भी इसके तहत शामिल किया गया है. लॉकडाउन के चलते किसानों को कृषि कार्य में कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. अब सीएसआर के तहत उपकरण उपलब्ध होने से उनकी मुश्किलें कम होंगी. जल्द ही दूसरी कंपनियों को भी इसके लिए अनुमति दी जाएगी. हालांकि किसानों के लिए यह सुविधा लॉकडाउन में सामने आई परिस्थितियों के आधार पर शुरू जरूर किया जा रहा है, लेकिन भविष्य में किसानों को नियमित तौर पर इसका लाभ मिलता रहेगा. राजस्थान में किसानों के साथ व्यापार कर रही कंपनियों को इसके लिए तैयार किया जा रहा है.

ऐसे मिलेगा योजना का लाभ
केवल जरुरतमंद किसानों के लिए ही यह सुविधा शुरू की जा रही है. लघु और सीमांत श्रेणी के किसानों अर्थात जिन किसानों के पास 2 हेक्टेयर से कम भूमि है उन्हें इसका लाभ मिल पायेगा. कंपनियों की ओर से किसानों को कृषि कार्यं के उपकरणों की सेवा मुफ्त उपलब्ध करवाई जाएगी और उन्हें इसके लिए किराया नहीं चुकाना पड़ेगा. उपकरणों की सेवा प्राप्त करने के लिए किसानों को पोर्टल पर नंबर उपलब्ध करवाए जाएंगे जिन पर कॉल करके वे अपने लिए उपकरण बुक करवा सकेंगे. कार्य संपन्न हो जाने पर उपकरण वापस कंपनी को लौटा दिए जाएंगे ताकि दूसरे किसानों को उनका लाभ मिल सके.

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कृषि उपकरणों-मजदूरों पर नहीं है रोक
इन दिनों खेतों में फसल की कटाई और थ्रेसिंग का काम चल रहा है, लेकिन लॉकडाउन के चलते किसानों को कई तरह की दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है. लॉकडाउन के शुरुआती दिनों में बाहरी राज्यों से आने वाले कृषि उपकरणों को आवागमन की अनुमति नहीं दी गई. इसके साथ ही लॉकडाउन के चलते कृषि मजदूर भी आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाए. हालांकि अब कृषि विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट करते हुए जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिए गए हैं कि कृषि उपकरणों की आवाजाही लॉक डाउन में शामिल नहीं है. लिहाजा उनका आवागमन सुनिश्चित करवाया जाए.