एमएनआईटी के प्रोफेसर्स ने तैयार किया जैल और खुशबू रहित सेनेटाइजर, परिसर में किया जा रहा यूज

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जयपुर: कोरोना वायरस से बचाव के लिए जहां सेनेटाइजर की कालाबाजारी की खबरें आ रही थी। वहीं एमएनआईटी के प्रोफेसर्स ने कैंपस के लिए सेनेटाइजर तैयार कर लिया है। एमएनआईटी के सेंटर फॉर एनर्जी एंड एनवायरमेंट के हैड डा. विवेकानंद और डा. कपिल पारीक ने यह हैंड सेनेटाइजर तैयार किया है। इसे सेंट्रल स्टोर के द्वारा एमएनआईटी के सभी विभागों में सप्लाई किया गया है।

ऐसे तैयार किया सेनेटाइजर

प्रोफेसर्स ने बताया कि आइसो प्रोपाइल अल्कोहल, ग्लिसरॉल, हाइड्रोजन पेरॉक्साइड और डिस्टिल वॉटर की जरूरत है। आइसो प्रोपाइल अल्कोहल हानिकारक नहीं है, ग्लिसरॉल मॉस्चराइजर का काम करता है, हाइड्रोजन पेरॉक्साइड और आइसो प्रोपाइल अल्कोहल से बैक्टिरिया खत्म होते हैं। इसकी कॉस्ट 150 से 200 रुपए लीटर आई है। इसमें किसी भी प्रकार की सिंथेटिक खुशबू नहीं डाली है, उससे एलर्जी हो सकती है। जैल भी नहीं डाला है, जैल से इसकी क्षमता कम होती है।

सेनेटाइज के बाद ही एंट्री :
एमएनआईटी के डीन एकेडमिक के.आर. नियाजी ने बताया कि हर व्यक्ति को सेनेटाइज करने के बाद ही परिसर में प्रवेश दिया जा रहा है। बाजार में सेनेटाइजर की कमी थी, तो हमारी फैकल्टी ने बना दिया। यह अच्छी उपलब्धि है।

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