नागौर में दलित युवकों से मारपीट के वायरल वीडियो की गूंज नागौर से लेकर प्रदेश को विधानसभा तक सुनाई दी.

0
447

जयपुर: नागौर में दलित युवकों से मारपीट के वायरल वीडियो की गूंज नागौर से लेकर प्रदेश को विधानसभा तक सुनाई दी. बुधवार को नागौर जिले के पांचोड़ी थाना क्षेत्र के करणु गांव में दलित युवकों से मारपीट की गई थी.

भीमसेना सहित कई दलित संगठन गुरुवार को घटना के विरोध में लामबंद नज़र आए. वहीं, कांग्रेस के अनुसांगिक संगठन एनएसयूआई सहित विभिन्न संगठन भी विरोध करते नज़र आए.पीसीसी अध्यक्ष सचिन पायलट ने भी इस मामले में प्रसंज्ञान लिया है. एक कमेटी का गठन किया गया है. यह कमेटी 21 फरवरी को नागौर जाएगी.

7 लोग गिरफ्तार
दोनों युवकों पर किये गए अमानवीय अत्याचार की खबर को सबसे पहले प्रमुखता से ज़ी राजस्थान पर दिखाया गया था. बुधवार को मामला सामने आने के बाद पांचोड़ी थाना पुलिस ने 5 युवकों को गिरफ्तार किया था. अब तक 2 युवकों को और गिरफ्तार किया जा चुका है.

थानाधिकारी को हटाने की मांग
सदन में खींवसर विधायक ने एसपी को हटाने की मांग की तो वहीं, नागौर जिले कलेक्टर को एनएसयूआई द्वारा दिये गए ज्ञापन में थानाधिकारी को हटाने की मांग की है. नागौर जिले में एक सप्ताह में ही मोब लिंचिंग जैसी यह दूसरी घटना है. पुलिस मामले में कुछ भी बोलने से बच रही है.

राहुल गांधी ने की कार्रवाई की मांग 
मामले पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट किया है. राहुल गांधी ने ट्वीट कर घटना को बहुत ही डरावना और विभत्स बताया है. इसके साथ ही राहुल गांधी ने राज्य सरकार से आरोपियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है.

सीएम गहलोत ने दी कार्रवाई की जानकारी
घटना को लेकर सीएम गहलोत ने भी ट्वीट किया है. सीएम ने ट्वीट कर जानकारी दी कि आरोपियों के खिलाफ तुरंत प्रभाव से कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. सीएम के मुताबिक दोषियों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी. सीएम ने ट्वीट कर कहा है कि पीड़ित को इंसाफ दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है.

READ More...  कमलनाथ ने राज्यपाल से कहा- 16 बंदी विधायकों को आजाद कर 5-7 दिन खुले माहौल में रहने दीजिए ताकि वे अपना फैसला ले सकें

पांडे और बंसल ने घटना को बताया दुर्भाग्यपूर्ण 
राजस्थान कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे और सह प्रभारी विवेक बंसल ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. उन्होंने कहा कि सरकार ने मामले में 7 लोगों को गिरफ्तार करके घटना की पुनरावृत्ति नहीं होना सुनिश्चित कराया है.

बीजेपी हुई हमलावर 
बीजेपी भी इसे लेकर सरकार पर हमलावर हो गई है. राजेंद्र राठौड़ और सतीश पूनिया ने विधानसभा के बाहर इस मुद्दे पर सरकार को घेरा. गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि इस घटना से हम खुद भी व्यथित हैं और दोषियों पर कठोर कार्यवाही होनी चाहिए.

दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा 
डीजीपी भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि मामले के सामने आते ही इसमें त्वरित कार्रवाई की गयी है. मामले में 7 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. साथ ही 3 अन्य युवकों को चिन्हित किया गया है, जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं. डीजीपी ने कहा कि मामले को केस ऑफिसर स्कीम के तहत चलाया जायेगा, जिसमें जल्द पुलिस चालान पेश करेगी. दोषी लोगों को पुलिस नहीं बख्सेगी और पीड़ित को न्याय दिलाया जायेगा. मामले की जांच के लिए पुलिस मुख्यालय से एक जांच कमेटी बनाकर नागौर भेजी गयी है जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जायेगी.