आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्‍तान को अब टिड्डियों ने किया परेशान, इमरान ने किया इमरजेंसी का ऐलान

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इस्लामाबाद: आर्थिक मोर्चे पर पाकिस्तान की हालत बेहद खराब है और अब टिड्डियों (Grasshopper) ने देश को परेशान कर दिया है. नौबत यहां तक आ गई है कि पाकिस्तान को इसके चलते राष्ट्रीय आपदा का ऐलान करना पड़ा है. पिछले 25 साल में ये पहला मौका है जब पाकिस्तान को टिड्डियों ने इस तरह परेशान किया है. टिड्डियों का दल पिछले साल जून में ईरान के रास्ते पाकिस्तान पहुंचा था.

ये फैसला प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा शुक्रवार को बुलाई गई बैठक में लिया गया. इस बैठक में समस्या से निपटने के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपी) को भी स्वीकृति दी गई जिसके लिए 7.3 अरब रुपयों की जरूरत होगी. बैठक में संघीय मंत्री और चार प्रांतों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए.

‘डॉन’ समाचार-पत्र ने खबर दी कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मंत्री खुसरो बख्तियार ने नेशनल असेंबली को स्थिति की गंभीरता के बारे में सूचित किया और संकट से निपटने के लिए संघीय एवं प्रांतीय सरकारों की ओर से अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी दी.  प्रधानमंत्री कार्यालय में बैठक के दौरान प्रधानमंत्री को पूरी स्थिति पर विस्तार से जानकारी दी गई. इसमें आर्थिक मामलों पर प्रधानमंत्री के सलाहकार हाफिज शेख भी शामिल थे. बैठक को बताया गया कि खतरे से निपटने के लिए प्रांतीय एवं जिला स्तर पर संबंधित अधिकारियों के अलावा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिकरण (एनडीएमए), प्रांतीय आपदा प्रबंधन अधिकारियों और संघीय एवं प्रांतीय विभागों को विभिन्न कार्य सौंपे गए हैं.

प्रधानमंत्री खान ने इन कीटों के खात्मे के लिए संघीय स्तर पर फैसला लेने के लिए बख्तियार के नेतृत्व में उच्च स्तरीय समिति के गठन का आदेश दिया. प्रधानमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को पकी हुई फसलों के नुकसान के आधार पर तत्काल उपाय करने को कहा है.

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बख्तियार ने सदन को सूचित किया कि यह पहली बार है जब सिंध और पंजाब में हमले के बाद, टिड्डों का समूह खैबर पख्तूनख्वा में प्रवेश कर गया है. उन्होंने कहा, ‘आगे और बर्बादी रोकने के लिए 7.3 अरब रुपये की जरूरत है’. बख्तियार ने कहा, ‘राष्ट्रीय आपदा की घोषणा स्थिति से निपटने के लिए जरूरी है, इसके अलावा स्थिति की निगरानी में संसद की भी भूमिका होनी चाहिए.