पंचायत चुनाव 2020: सरपंच प्रत्याशी के लिए प्रचार करने आए अभिनेता गोविंदा बैरंग लौटे

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जयपुर. लोकसभा-विधानसभा चुनाव में ही नहीं, बल्कि अब पंचायत चुनाव (Panchayat Election) में भी प्रत्याशी सेलिब्रिटी (Celebrity) को बुलाने से नहीं चूक रहे हैं. ऐसा ही एक मामला सोमवार को जयपुर (Jaipur) जिले की झोटवाड़ा पंचायत समिति क्षेत्र में सामने आया. यहां एक सरपंच प्रत्याशी (Sarpanch candidate) ने अपने चुनाव प्रचार के लिए फिल्म अभिनेता गोविंदा (Film actor Govinda) को बुलाया. गोविंदा आए भी, लेकिन पुलिस (Police) ने रंग में भंग डाल दिया. क्योंकि प्रत्याशी ने इसके लिए पुलिस से अनुमति (Permission) नहीं ली थी. लिहाजा गोविंदा को बैरंग लौटना पड़ा.

सरपंच प्रत्याशी सौरभ प्रजापत ने बुलाया था
मामला झोटवाड़ा पंचायत समिति के मंढा भोपावास गांव से जुड़ा हुआ है. यहां पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में दो दिन बाद 29 जनवरी को चुनाव होने हैं. मंढा भोपावास पंचायत के सरपंच प्रत्याशी सौरभ प्रजापत ने अपने चुनाव प्रचार के लिए फिल्म अभिनेता गोविंदा को बुलाया था. इसके लिए गांव में कार्यक्रम रखा था. उन्होंने आस पास के गांवों में गोविंदा के आने की मुनादी करा दी. अपने पसंदीदा हीरो को देखने के लिए तय कार्यक्रम के अनुसार, कार्यक्रम स्थल पर हजारों लोग जुट गए. दोपहर में सभा के लिए गोविंदा आ भी गए.

पुलिस ने गोविंदा को कालवाड़ में ही रोक लिया

सरपंच प्रत्याशी उन्हें जयपुर एयरपोर्ट से रिसीव कर मंढा भोपावास पहुंच रहे थे. लेकिन पुलिस ने गोविंदा को कालवाड़ में ही रोककर सूचना दी कि आप कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकते. इस कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं ली गई है. बाद में कैमरे पर उनके बयान लिए. फिर आगे जाने पर तो कार्यक्रम स्थल पर गोविंदा को उतरने ही नहीं दिया. इस पर गोविंदा सभास्थल के पास की सड़क से होते हुए सरपट निकल गए. वे ना तो कार से उतरे और ना ही फैन्स के लिए हाथ हिलाया. इससे लोग हक्के बक्के रह गए.

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प्रत्याशी को नोटिस थमाया गया है
कालवाड़ थानाप्रभारी राजेश सिंह ने बताया कि प्रत्याशी को नोटिस थमा दिया गया है. उन्होंने बिना अनुमति के कैसे सैंकड़ों लोगों के लिए कार्यक्रम आयोजित कर डाला. उनके खिलाफ आचार संहिता के उल्लघंन का मामला भी दर्ज होगा. इस पूरे वाकये के बाद गोविंदा का इंतजार कर रही पब्लिक अपनी किस्मत और आयोजकों को कोसती रही. वहीं गोविंदा के समर्थन से चुनावी नैया पार करने की उम्मीद बांधे बैठे सरपंच प्रत्याशी के पैरों तले से जमीन खिसक गई. उन्होंने इसे विरोधियों की साजिश करार दिया है.