पंचायत चुनाव में सीकर की 97 साल की बुजुर्ग महिला ने ठोकी ताल, युवाओं को दे रहीं टक्कर

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विद्या देवी कहने को बुजुर्ग हैं लेकिन उनमें जोश किसी युवा से कम नहीं हैं. कभी बीमार नहीं हुई. इसीलिए गांव-ढाणियों जाकर वे वोट भी मांग रही हैं.

सीकर: जिले के नीमकाथाना में प्रथम चरण में होने वाले सरपंच और पंचों के चुनावों के लिए प्रत्याशी चुनाव प्रचार-प्रसार में जोर-शोर से लगे हुए हैं. वहीं, दूसरी ओर पुरानाबास में 97 साल की विद्या देवी ने चुनावी मैदान सरपंच प्रत्याशी उम्मीदवार के लिए ताल ठोक रखी है.

विद्या देवी के क्षेत्र में नामांकन दाखिल करने पर क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है. उनके पति मेजर शिवराम सिंह भी करीब 55 साल पहले निर्विरोध सरपंच चुने गए थे. सूबेदार सेडूराम कृष्णियां भी बीस साल सरपंच रहे, जो विद्या देवी के ससुर थे. उस दौरान 8 पंचायत में एक सरपंच चुनते थे. अब सामान्य महिला आरक्षित सीट पर विद्या देवी ने सरपंच के लिए नामांकन किया है. इनके पौत्र मोंटू कृष्णियां वार्ड 25 से जिला पार्षद हैं. वे संभवत प्रदेश की ऐसी पहली महिला है, जो उम्र के इस पड़ाव पर चुनावी दंगल में कूदी हैं.

बुजुर्ग हैं लेकिन जोश युवा जैसा
विद्या देवी कहने को बुजुर्ग हैं लेकिन उनमें जोश किसी युवा से कम नहीं हैं. कभी बीमार नहीं हुई. इसीलिए गांव-ढाणियों जाकर वे वोट भी मांग रही हैं. इनका मुकाबला सुमन देवी से है, जो वर्तमान सरपंच हैं. तीन अन्य महिला उम्मीद्वार भी मैदान में डटी हैं. उनमें झनकोरी देवी, विमला देवी और आरती मीणा शामिल हैं. सामान्य महिला के लिए आरक्षित पुरानाबास की सीट पर मुकाबला रौचक बना हुआ हैं. वहीं, पुरानाबास में 11 वार्ड हैं. उनमें से नौ पर निर्विरोध पंच चुने गए जबकि 4 और 11 में मतदान होगा. सरपंच के लिए पांच प्रत्याशी मैदान में हैं.

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ये कहना है विद्या देवी का
विद्या देवी बताती हैं कि गांव के विकास में पति और ससुर का बड़ा योगदान रहा. विकास की उस परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए चुनाव लड़ने का मन बना लिया. क्षेत्र का सर्वांगीण विकास उनकी चाह है. पेयजल और स्वच्छता बड़ा मुद्दा हैं.

क्या है जिला पार्षद सदस्य का कहना
जिला पार्षद सदस्य मोंटू कृष्णा ने बताया कि करीब 20 साल तक उनके परदादा सरपंच रहे और 5 साल उनके दादाजी सरपंच रहे. 5 साल उनके ताऊ जी सरपंच रहे. उन्होंने कहा कि दादीजी के सरपंच का चुनाव जीतने के बाद गांव में सबसे पहले पानी एवं सड़क सहित अनेक विकास के कार्य करवाए जाएंगे. गांव में विकास के कार्यों में कमी नहीं आने दी जाएगी.