खिलाड़ियों के लिये खुशखबरी, प्रदेश में जल्द खुलेंगी 100 नई खेल अकादमियां

0
16

जयपुर. राजस्‍थान के खिलाड़ियों के लिये खुशखबरी है. राज्य खेल विभाग अगले एक साल में 100 नई खेल अकादमियों की शुरुआत करने जा रहा है. इसकी तैयारियां जोरों पर है. ‘पे एंड प्ले’ स्कीम के तहत इन खेल अकादमियों में प्रदेश के खिलाडियों को बेहतरीन प्रशिक्षण दिया जा सकेगा. इसकी प्लानिंग कर ली गई है. गुरुवार को खेल मंत्री अशोक चांदना ने पे एंड प्ले स्कीम की समीक्षा बैठक के बाद विभाग के इस प्रपोजल को अमली जामा पहनाने की कवायद शुरू करने के लिये आश्वस्त किया है.

खेल विभाग ने 100 खेलों की अकादमियों का लक्ष्य तय किया है. चांदना ने कहा कि स्कीम के तहत जिस क्षेत्र में जो खेल पारंपारिक रूप से खेले जाते हैं, वहां उन्हीं खेलों को फोकस किया जाएगा. प्रदेश के जिन क्षेत्रों में सभी खेलों के खिलाड़ी हैं, वहां एक से ज्यादा खेलों को भी इसमें शामिल किया जा सकता है. पे एंड प्ले में जो चार्जेज लागू किए गए हैं वह कोचिंग जैसी सुविधाओं के ऊपर लागू रहेंगे, लेकिन विजिटर्स से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा.

जल्द शुरू होगी खेल प्रतियोगिताएं

कोरोना के चलते प्रदेश में करीब 8 महीनों से खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन पर रोक लगी हुई है. अब अनलॉक-5 की शुरुआत हो चुकी है और खिलाड़ियों के लिए खेल विभाग की ओर से बड़े संकेत दिए गए हैं. इसके साथ ही नवंबर तक प्रदेश में खेल गतिविधियों को फिर से शुरू करने पर विचार किया जा रहा है. इसके लिए खेल विभाग की ओर से एक प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजा जाएगा. केन्द्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार खेल गतिविधियों को शुरू करने की योजना तैयार की जाएगी.

READ More...  राजस्थान विधानसभा में गूंजा कोरोना वायरस, वासुदेव देवनानी ने उठाया मामला

पिछले महीनों से खिलाड़ियों को राहत

खेल मंत्री अशोक चांदना ने बताया कि करीब 8 महीनों से खेल गतिविधियां बंद हैं, लेकिन प्रैक्टिस के लिए पिछले महीनों से खिलाड़ियों को राहत दी गई थी. अब कोरोना गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए खेल प्रतियोगिताओं को फिर से शुरू करने को लेकर प्रस्ताव तैयार करवाया जाएगा. राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजकर खेल प्रतियोगिताओं को शुरू करने का आग्रह किया जाएगा. अगर प्रतियोगिता शुरू होती है तो केन्द्र सरकार की गाइडलाइन के तहत ही शुरू की जाएगी. आने वाले समय में कोरोना की क्या परिस्थितियां रहती हैं, इसको ध्यान में रखकर की कोई फैसला लिया जायेगा.