Political crisis in Rajasthan: वार-पलटवार चरम पर,गहलोत-पायलट खेमों की बाड़ाबंदी जारी

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राजस्थान में उठा सियासी बवंडर अभी शांत नहीं हुआ है. सत्ता और संगठन के दोनों खेमे अभी अपने-अपने विधायकों की बाड़ाबदी किये हुए हैं. बाड़ाबंदी का आज चौथा दिन है. दोनों तरफ से जमकर वार-पलटवार किये जा रहे हैं.

जयपुर. राजस्थान में उठा सियासी बवंडर (Political crisis) अभी शांत नहीं हुआ है. सत्ता और संगठन के दोनों खेमे अभी अपने-अपने विधायकों की बाड़ाबदी किये हुए हैं. बाड़ाबंदी का आज चौथा दिन है. दोनों तरफ से जमकर वार-पलटवार किये जा रहे हैं. आरोप लगाने और उनका खंडन करने का सिलसिला बदस्तूर जारी है. एक दूसरे पर वार-पलटवार के लिए सोशल मीडिया (Social media) बड़ा मंच बना हुआ है. कोई सीधे मीडिया से अपनी बात कहकर रहा था तो ट्वीटर का सहारा ले रहा और कोई बयानों का वीडियो जारी कर उन्हें सोशल मीडिया में वायरल कर रहा है.

गहलोत ने पायलट के खिलाफ खोला मोर्चा

सीएम अशोक गहलोत के खेमे के विधायक और मंत्रियों की बाड़ाबंदी दिल्ली रोड पर कूकस स्थित फेयरमोंट लग्जरी होटल में की गई है. वहीं सचिन पायलट खेमे के विधायक एनसीआर इलाके में एक होटल में डेरा जमाये हुए हैं. गहलोत खेमा पायलट के अगले कदम का इंतजार कर रहा है. पायलट के आज मीडिया के सामने आने की उम्मीद जतायी जा रही है. पूरे प्रकरण में अब तक नपी तुली बात करने वाले सीएम गहलोत ने अब सचिन पायलट के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है. बुधवार को उन्होंने पायलट पर जबर्दस्त हमला बोला तो कांग्रेस में खलबली मच गई. जानकारों के मुताबिक ऐसे हालात में पायलट का कांग्रेस में बने रहना मुश्किल है.

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नोटिस पॉलिटिक्स पर भी मचा है घमासान

पूरे प्रकरण में कांग्रेस की ओर से जारी किये गये व्हिप और उसके बाद इसका उल्लंघन करने वाले सचिन पायलट समेत सभी बागी विधायकों को विधानसभा की ओर से भेजे गये नोटिस की वैधानिकता पर बवाल मचा हुआ है. सरकारी खेमा व्हिप और नोटिस की प्रक्रिया को पूरी तरह से वैध बता रहा है. वहीं पायलट खेमा इसे पूरी तरह से अवैधानिक बता रहा है. इस रस्साकसी के बीच सरकार के काम पूरी तरह ठप हो गये हैं. यहां तक कि कोरोना महामारी को लेकर भी इसकी पूरी मॉनिटरिंग नहीं हो पा रही है.