राजस्थान मे शासन विभाग ने इंदिरा रसोई में भोजन की अवधि में किया संशोधन

0
31

राजस्थान में जरूरतमंदों का पेट भरने के लिए गहलोत सरकार की ओर से इंदिरा रसोई की शुरुवात की गई। अब शासन विभाग ने इंदिरा रसोई योजना में भोजन की अवधि को लेकर कुछ संशोधन किए हैं। इसके तहत दोपहर के भोजन की अवधि को अब एक घंटे और बढ़ा दिया गया है।

वहीं, लंच और डिनर की थालियों का आपस में समायोजन भी किया गया है। यही नहीं अब भोजन करने वाला व्यक्ति दो थालियां भी ले सकेगा। दरअसल, दोपहर के भोजन का समय सुबह साढ़े आठ बजे से दोपहर एक बजे तक तय किया गया था। लेकिन, अब यह दोपहर दो बजे तक मिल सकेगा। क्योंकि, काफी जरूरतमंद दोपहर का भोजन करने के लिए एक बजे के बाद ही पहुंच पाते थे। जिन्हें भोजन नहीं मिल पाता था। इसे देखते हुए अब भोजन मिलने का समय बढ़ा दिया गया।

इसके अलावा दोपहर का भोजन करने वाले कम और रात का भोजन करने वाले लोग अधिक हैं। ऐसे में दोपहर के भोजन की शेष बची थालियों को रात के भोजन में समायोजित किया जाएगा। ताकि रात के वक्त ज्यादा जरूरतमंद भोजन कर सकेंगे। अभी तक प्रति लाभार्थी को एक थाली भोजन देने का प्रावधान था। लेकिन अब भोजन करने वाला व्यक्ति दो थालियां ले सकेगा। बता दें कि नगर निगम क्षेत्र में लंच में 300 और डिनर में 300 थाली रोजाना का प्रावधान किया गया है। जबकि नगरपालिका और नगर परिषद क्षेत्र में यह संख्या 150-150 है।

बता दें कि जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए राजस्थान सरकार ने बीते 20 अगस्त से प्रदेश में 213 शहरों पर इस योजना की शुरुआत की थी। सुबह और शाम दोनों वक्त आठ-आठ रुपए में साधारण भोजन 213 शहरों में 358 जगहों पर मिल रहा है। जयपुर नगर निगम क्षेत्र में 20 स्थानों पर लोगों को खाना उपलब्ध करवाया जा रहा हैं। हर थाली में 100 ग्राम दाल, 100 ग्राम सब्जी, 250 ग्राम चपाती (रोटी) और आचार परोसा जा रहा है। इसके अलावा समय-समय पर जिला स्तरीय समिति को खाने की गुणवत्ता की जांच करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई हैं। कोरोना संकट के बीच गहलोत सरकार की इस पहल ने कई मजदूरों और जरूरतमंदों को राहत दी है।

READ More...  भारत में क्यों है रिकवरी रेट ज्यादा और डेथ रेट कम? BHU के प्रोफेसर की रिसर्च में हुआ खुलासा