शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद डोटासरा अब जाएंगे स्कूल, संस्था प्रधानों पर गिर सकती है गाज

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जयपुर. प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) क्वालिटी एज्युकेशन (Quality education) में एक और नवाचार (Innovation) करने जा रही है. शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा (Minister of State for Education Govind Singh Dotasara) 8 नवंबर से प्रदेश की स्कूलों (Schools) का रूख करेंगे. डोटासरा ने मुहिम को ‘शिक्षा मंत्री चले स्कूल की ओर’ नाम दिया है. इसकी तैयारियां (Preparations) इन दिनों राजधानी जयपुर (Jaipur) में स्थित शिक्षा संकुल में जोर शोर से चल रही है.

स्कूलों के हालात से रू-ब-रू होंगे
प्रदेश के शैक्षिक इतिहास में गहलोत सरकार नवाचार का एक और अध्याय लिखने जा रही है. 8 नवंबर को मंत्री गोविंद डोटासरा कोटा संभाग से प्रदेश में शिक्षा मंत्री चले स्कूलों की ओर अभियान का आगाज करेंगे. प्रदेश की सभी 65 हजार स्कूलों के संस्था प्रधान सरकार को अपने स्कूलों के हालात से रू-ब-रू कराने के लिए तैयार हो रहे हैं. मंत्री जिस भी स्कूल में जायेंगे उसकी पूरी जानकारी उनको पहले से होगी और उसके समाधान और सुझाव भी उनके पास रहेंगे.

सरकार के पास कक्षा कक्षों के निर्माण के लिए 1500 करोड़ रुपए का बजट है

शिक्षा राज्य मंत्री ऐसे वक्त में सरकारी स्कूलों का रूख कर रहे हैं जब राज्य सरकार के पास कक्षा कक्षों के निर्माण के लिए 1500 करोड़ रुपए का बजट है. स्कूलों में हर महीने बाल सभाओं का आयोजन हो रहा है. नामांकन में इस साल रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी हुई है. यूथ क्लब जैसे नवाचार किये जा रहे हैं. स्कूलों में सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग शुरू की गई है. कबाड़ से भरे कमरों का सामान बेचकर वहां कक्षाएं लगना शुरू हो रही हैं.

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मौके पर ही समाधान करने का प्रयास करेंगे
देश में राजस्थान शिक्षा के क्षेत्र में दूसरे पायदान पर अपनी जगह बनाए हुए है. मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा कोशिश कर रहे हैं कि राजस्थान देश में शिक्षा की गुणवत्ता में सिरमौर बने. इसके लिए उन्होंने गांव-गांव ढाणी-ढाणी तक के स्कूलों की ओर जाने का फैसला किया है. दौरे में डोटासरा संभाग स्तर के हर शिक्षा अधिकारी से लेकर प्रिंसिपल और हेडमास्टर तक से मुलाकात करेंगे. वे शिकायतों का मौके पर ही समाधान करने का प्रयास करेंगे.