पक्षियों की कब्रगाह बनी सांभर झील, जांच के लिए कोयंबटूर भेजे जाएंगे मृत पक्षियों के सैंपल

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नागौर. राजस्थान के सांभर झील (Sambhar Lake) में देशी-विदेशी पक्षियों की मौत (Birds Deaths) का मामला सामने आने के बाद से प्रशासन चौकन्ना हो गया. प्रशासन, सांभर झील में से हर रोज बीमार और मृत पक्षियों को निकलवा रहा है. इसके तहत अब नागौर जिले के हिस्से में आने वाले झील में मोहनपुरा, खाखड़की रोड, शाकम्भर माता का मंदिर, गुढ़ासाल्ट, जाब्दीनगर सहित नावां के आस-पास में स्थित झील के हिस्से में एसडीआरएफ एवं सिविल डिफेंस एवं नगर पालिका नावां की टीम ने रविवार तक 34 बीमार और 5309 मृत पक्षियों को झील से बाहर निकाला है. सोमवार को भी लगातार मृत पक्षियों को निकालने का सिलसिला जारी है. सांभर झील में अब तक 16,500 से ज्यादा पक्षियों की मौत हो चुकी है.

सैंपल कोयंबटूर भेजे जाएंगे

देशी एवं विदेशी पक्षियों की भारी तादाद में सांभर झील में मौत होने की जानकारी मिलने के बाद सलीम अली सेंटर फॉर आर्निथोलॉजी एंड नेचुरल हिस्ट्री (Salim Ali Centre for Ornithology and Natural History) के डॉ. मुरलीधरन सांभर झील में पक्षियों के मरने वाले स्थान रतन तालाब एवं झपोक डैम पर पहुंचे. उन्होंंने भी यहां पक्षियों की मौत के कारणों को जानने की कोशिश की. उन्होंने बताया कि जांच के लिए यह भी सैंपल कोयंबटूर लेकर जाएंगे.

 

झील में से मृत पक्षियों को निकाल कर नावां में दफनाया जा रहा है 

बीमार पक्षियों को इलाज के लिए रेस्क्यू कैंप नावां के राजकीय पशु चिकित्सालय में ले जाया जा रहा है. झील में से मृत पक्षियों को निकाल कर दफनाया जा रहा है. नावां में रविवार को एकाएक चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन सहित कई बड़े अफसर और एक्सपर्ट ने मौका मुआयना किया. सोमवार को भी जिले के वन विभाग के अधिकारी मुआयना करने में जुटे रहे.

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