वेतन कटौती के बाद गहलोत सरकार का कर्मचारियों को एक और झटका, अब पेड लीव पर भुगतान नहीं

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कोराना संकट  के कारण सरकार के राजस्व में आई भारी कमी के कारण अब राजस्थान सरकार ने गैरजरूरी खर्चों में बड़ी कटौती का फैसला किया है. राजस्थान सरकार ने मितव्ययता के संबंध में सर्कुलर जारी करके तत्काल प्रभाव से गैर जरूरी सरकारी खर्चों में कमी कर दी है. खर्चों में कटौती के ये आदेश सभी सरकारी विभागों, सरकारी उपक्रमों, कंपनियों, बोर्ड, विश्वविद्यालयों, अनुदानित संस्थाओं और निकायों पर लागू होंगे. प्रभारी सचिव और विभागाध्यक्षों पर इसका पालन कराने की जिम्मेदारी रहेगी. बता दें कि इससे पहले गहलोत सरकार ने वेतन कटौती की घोषणा की थी. अफसरों और कर्मचारियों को देय उपार्जित अवकाश (पेड लीव) के एवज में नकद भुगतान की नई स्वीकृतियां इस वित्तीय वर्ष में स्थगित रखी जाएंगी. इस वित्त वर्ष में अफसर-कर्मचारियों को उपार्जित अवकाश का पैसा नहीं मिलेगा. वहीं, गैर जरूरी पदों को खत्म किया जायेगा.

सर्कुलर के मुताबिक, इस साल के बजट में कार्यालय व्यय, यात्रा व्यय, कम्प्यूटर मेंटेनेंस, स्टेशनरी, मुद्रण व लेखन, प्रकाशन, पुस्तकालय और पत्र-पत्रिकाओं पर खर्च के लिए उपलब्ध मद में 30 फीसदी की कटौती की जाएगी. इसके लिए 70 फीसदी बजट ही खर्च किया जाएगा. पीओएल मद में भी 10 फीसदी की कटौती की गई है. सरकारी कामों के लिए की जाने वाली यात्राओं को बहुत कम करने के निर्देश दिए गए हैं. यथासंभव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठकें करने के निर्देश दिए गये हैं. हवाई यात्रा के लिए अधिकृत अफसर केवल इकोनॉमी क्लास में ही यात्रा करेंगे. एग्‍जीक्यूटिव और बिजनेस क्लास में यात्रा पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है. विमान किराए पर लेने और सरकारी खर्च पर विदेश यात्रा भी प्रतिबंधित कर दिया गया है. सरकार में नए वाहनों की खरीद पर प्रतिबंध लगा दिया है. कोविड-19 महामारी की रोकथाम, उपचार और पीड़ितों की सहायता के लिए आवश्यक सामग्री और उपकरण को छोड़कर अन्य सभी प्रकार की मशीनरी, साज-सामान, औजार, मशीनरी सहित अन्य नई वस्तुओं की खरीद नहीं की जा सकेगी. केवल योजनाओं को संचालित करने के लिए आवश्यक उपकरणों की ही खरीद की जा सकेगी. वित्तीय वर्ष 2020-21 में सरकारी खर्च पर चलने वाला कोई भी नया दफ्तर खोलने की मंजूरी नहीं दी जाएगी. विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि विभागीय कार्यप्रणाली में परिवर्तन करके आईटी के प्रयोग से जो पद वर्तमान में अप्रासंगिक हो गए हैं, उन्हें चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई की जाए. राजकीय भोज, उपहार क्रय, सत्कार और आतिथ्य व्यय पर प्रतिबंध रहेगा. सरकारी कार्यक्रम, भूमि पूजन, उद्घाटन समारोह आदि सादगी और मितव्ययता बरतते हुए करने और संभव हो तो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही करने के निर्देश दिए गये हैं.

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