राजस्थान: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विधानसभा में पेश किया बजट, यहां देखें मुख्य घोषणाएं

0
352

जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज वर्ष 2020-21 के लिए राज्य का बजट प्रदेश विधानसभा में पेश किया। इस दौरान उन्होंने किसानों के लिए 3420 करोड़ की योजना का ऐलान किया। साथ ही उन्होंने कहा कि राजस्थान के किसानों के लिए कृषि यंत्र की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश भर में 300 कृषि यंत्र हायरिंग सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही प्रदेश में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने और आर्थिक पिछड़ा वर्ग बोर्ड के गठन की भी घोषणा की है। इस दौरान मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था बुरे दौर से गुजर रही है। देश की अर्थव्यस्था पटरी से उतर गई है। प्रदेश के विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

– सरकार ने निरोगी राजस्थान के लिए 100 करोड़ रुपए देने का एलान किया है। क्योंकि व्यक्ति का प्रमुख कार्य निरोगी रहना होता है। इससे बड़ी कोई संपत्ति नहीं होती है।

-15 मेडिकल कॉलेज बनाए जाएंगे, इनके निर्माण पर तकरीबन 15 हजार करोड़ का खर्च आएगा, इसमें 40 परसेंट भागीदारी राज्य सरकार की होगी।

– जयपुर के SMS अस्पताल में कॉटेज वार्ड की जगह नए वार्ड बनाने का ऐलान

-100 करोड़ रुपए के नेहरू बाल संरक्षण कोष का ऐलान

– बचपन से मूक बधिर बच्चों के इलाज के लिए नई घोषणा

-आर्थिक पिछड़ा वर्ग बोर्ड के गठन का ऐलान

आरएलपी विधायकों ने किया सदन से वाकआउट…
मुख्यमंत्री गहलोत के बजट भाषण शुरू होते ही राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के विधायकों ने सदन से वाकआउट कर दिया। बजट भाषण शुरू होते ही RLP विधायकों ने वेल में आकर दो दिन पहले नागौर जिले में दलित युवक के हुए उत्पीड़न के मामले की सीबीआई जांच की मांग उठाई। वहीं परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार का भी मुद्दा उठाते हुए RLP विधायकों ने दोनों मुद्दों पर सदन से वाकआउट कर गए हैं।

READ More...  बेटी अनायरा को गोद में लिए नजर आए कपिल शर्मा, कोरोना से लड़ने वालों को दिया खूबसूरत ट्रिब्यूट

मुख्यमंत्री की पत्नी भी विधानसभा आईं बजट भाषण सुनने के लिए….

इससे पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के विधानसभा पहुंचने पर मंत्रियों ने उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री की पत्नी सुनीता गहलोत भी बजट भाषण सुनने के लिए विधानसभा आईं, वे राज्यपाल दीर्घा में बैठीं।

आपको बताते जाए मुख्यमंत्री गहलोत ने पिछले दिनों बजट का खाका तैयार करने के लिए विधायकों से सुझाव भी आमंत्रित किए थे और साथ ही प्रदेश के विभिन्न वर्गों के साथ मंथन भी किया है।

मुख्यमंत्री ने कुछ दिन पहले युवा बिजनेसमैन और विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ चर्चा भी की थी। वहीं गहलोत पहले ही बोल चुके हैं कि राज्य सरकार का प्रयास है कि जन कल्याणकारी बजट तैयार किया जाए जिसमें सामाजिक संगठनों के महत्त्वपूर्ण सुझाव शामिल किए जाएंगे ।