राजस्थान में 43.70 लाख की स्क्रीनिंग, 1617 होम आइसोलेशन और 290 व्यक्ति क्वारंटाइन में

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जयपुर: प्रदेश में कोरोना के खतरे को देखते हुए घर घर सर्वे कराया गया। इसके तहत अब तक 10 लाख 97 हजार 34 घरों का सर्वे कर 43 लाख 70 हजार 841 लोगों से संपर्क कर स्क्रिनिंग की गई। प्रदेश भर में चिकित्सालयों में 42 और होम आइसोलेशन में  1617 रखे गए हैं। 290 व्यक्ति क्वारंटाइन में हैं। यह जानकारी केंद्र सरकार के रक्षा विभाग की तरफ से आए संयुक्त सचिव के साथ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त बैठक में साझा की गई।

स्वास्थ्य भवन में हुई समीक्षा बैठक में केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के रूप में रक्षा विभाग के संयुक्त सचिव राजीव ठाकुर शामिल हुए। ठाकुर ने कहा कि प्रभारी सिविल नागरिक सुरक्षा स्वयं सेवक, पूर्व सैनिक और पेंशनर्स तीनों तबकों की मदद लेकर कोरोना के प्रति जागरूकता ला सकते हैं। अस्पतालों में चिकित्सक, नर्सिंग कर्मियों पर काम का काफी दबाव है, उन्हें भी मोटिवेट करें। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक नरेश कुमार ठकराल ने कहा कि होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज सबसे कमजोर कड़ी हैं, उन्होंने कहा कि सभी जिला प्रभारी उन्हें मॉनीटर करें। आमजन के बीच में ना जाएं और कम से कम लोगों से मिले ताकि संक्रमण ना फैले। उन्होंने बताया कि क्वारंटाइन सुविधाओं के लिए सभी जिलों में आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।

दो सप्ताह के लिए एडवाइजरी, 4 लाख को काढ़ा पिलवाया
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने आमजन से अपील की है कि वे आगामी दो सप्ताह कोरोना से जुड़ी एडवाइजरी का पालन करेंगे तो कोरोना को आसानी से मात दी जा सकेगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कोरोना की रोकथाम के लिए 4 नए जिलों में (अजमेर, कोटा, भरतपुर और झुंझुनू) में भी जांच सुविधा शुरू करने एवं जयपुर में भी दोगुने सैंपल की जांच की व्यवस्था शुरू करने के निर्देश दिए हैं। आयुर्वेद विभाग द्वारा अब तक प्रदेश में 8660 केंद्रों पर 4 लाख 24 हजार 644 लोगों को काढ़ा भी पिलाया गया है।

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कोरोना वायरस के खतरे को लेकर अभी भी गंभीर नहीं सरकारी महकमे

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार लगातार गाइडलाइन जारी कर रहे हैं। लेकिन सरकार के कुछ महकमें इस भयानक खतरे को लेकर भी गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। एक तरफ सरकार कंप्लीट लोग डाउन की तरफ पड़ रही है और लोगों से अपील कर रही है कि वह अपने घरों में रहकर ही काम करें। वहीं सरकार का अपेक्स बैंक इस स्थिति में भी लगातार हर रोज मीटिंग  पर मीटिंग है बुलाया जा रहा है। बीते दो दिनों में ही अपेक्स बैंक के स्तर पर करीब आधा दर्जन से ज्यादा मीटिंग बुलाई गई है इसमें कोटा जयपुर बीकानेर जोधपुर उदयपुर सहित कई अन्य सहकारी बैंकों के प्रतिनिधियों को बुलाया गया। यहां तक कि इनके खाने के लिए बैंक में बाहर से कैटरिंग को भी बुलवाया गया। एक तरफ जहां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लोगों से अपील कर रहे हैं कि जहां तक संभव हो भीड़ इकट्ठी ना करें और दफ्तरों में भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही ज्यादातर काम निपटाए जाएं। बैंक में काम करने वाले कर्मचारी शिकायत कर रहे हैं कि इस गंभीर स्थिति में भी बैंक में साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। ना तो कर्मचारियों के लिए सैनिटाइजर रखे जा रहे हैं न ही हाथ धोने के लिए साबुन की कोई व्यवस्था है।