राजस्थान+मध्यप्रदेश+छत्तीसगढ़+पंजाब से धनी है महाराष्ट्र, जानिए अर्थशास्त्र की कहानी

0
104

महाराष्ट्र में अब सियासी घमासान समाप्त हो गया है. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे आज देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. लेकिन अब सवाल उठता है कि पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र की सत्ता को लेकर क्यों इतनी उठा-पटक हो रही थी. इसको लेकर देश के बड़े आर्थिक जानकार बताते हैं कि क्षेत्रफल के लिहाज से सबसे बड़ा राज्य राजस्थान भी महाराष्ट्र से पीछे है. वहीं, पंजाब, मध्य-प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान की कुल जीडीपी भी महाराष्ट्र की बराबर नहीं कर पाती है. अगर आंकड़ों की बात करें तो, महाराष्ट्र के आर्थिक सर्वे में राज्य की जीडीपी 26.60 लाख करोड़ रुपये बताई गई थी. वहीं, इन सभी राज्यों की जीडीपी मिलाकर 25.71 लाख करोड़ रुपये बैठती है.

जीडीपी में टॉप पर है महाराष्ट्र- भारत में जीडीपी साइज के लिहाज से महाराष्ट्र टॉप पर है. वहीं, इस लिस्ट में तमिलनाडु दूसरे स्थान पर आता है. इसके बाद उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और गुजरात का नंबर आता है.

अन्य राज्यों के मुकाबले कितना धनी है महाराष्ट्र- कांग्रेस शासित प्रदेश राजस्थान की जीडीपी 9.29 लाख करोड़ रुपये है. वहीं, मध्य प्रदेश की 8.09 लाख करोड़, पंजाब 5.21 लाख करोड़, छत्तीसगढ़ की 3.12 लाख करोड़ रुपये है. इन राज्यों की जीडीपी कुल 25.71 लाख करोड़ रुपये के करीब है. वहीं, महाराष्ट्र की कुल जीडीपी 26.60 लाख करोड़ रुपये है.प्रति व्यक्ति आय के मामले में महाराष्ट्र टॉप-3 में – महाराष्ट्र -प्रति व्यक्ति आय के मामले में तीसरे नंबर पर है. इस मामले में कर्नाटक और तेलगांना महाराष्ट्र से आगे हैं. राज्य में प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 91 हजार 827 रुपये है, जबकि कर्नाटक में प्रति व्यक्ति आय 2 लाख 7 हजार 62 रुपये और तेलगांना में 2 लाख 6 हजार 107 रुपये है. पिछले साल की अपेक्षा इस वर्ष राज्य में प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी हुई है. वर्ष 2017-18 में प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 76 हजार 1022 रुपये थी, जो 2018-19 में बढ़कर 1,91,827 रुपये हो गई.

READ More...  अब प्राइवेट कर्मचारियों को भी मिलेगी पेंशन! सरकार कर रही है कानून में बदलाव की तैयारी

NCP, कांग्रेस, NDA, शिवसेना, महाराष्ट्र, Maharashtra, विधानसभा चुनाव, Assembly Elections, BJP

महाराष्ट्र की जीडीपी- वित्त वर्ष 2018-19 में महाराष्ट्र की जीडीपी बढ़कर 26.60 लाख करोड़ रुपये हो गई. वहीं, इस दौरान फिस्कल डेफेसिट यानी वित्तीय घाटा (आमदनी और खर्च के बीच का अंतर) 1.2 फीसदी रहने का अनुमान है. यह देश के बड़े राज्यों में सबसे बेहतर है. महाराष्ट्र की आबादी 11.4 करोड़ है. जबकि अकेले मुंबई में ही करीब 2 करोड़ लोग रहते हैं.