राजस्थान में सामाजिक सुरक्षा और कल्याण की अनुदान मांग ध्वनिमत से पारित,सिलोकॉसिस पीड़ित को मिलेगी पेंशन

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जयपुर: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल ने कहा कि हमने छात्रवृत्ति एवं छात्रावास योजना, पेंशन एवं पालनहार योजना का सरलीकारण किया है। अनुसूचित जाति, जनजाति, अत्याचार निवारण अधिनियम का सरलीकरण किया है। इसी प्रकार अनुजा निगम में भी सरलीकरण कर लक्षित वर्ग को लाभान्वित करने का प्रयास किया है।

मास्टर भंवरलाल मेघवाल बुधवार को विधानसभा में मांग संख्या 33 (सामाजिक सुरक्षा और कल्याण) की अनुदान मांगों पर हुई बहस का जवाब दे रहे थे। चर्चा के बाद सदन ने सामाजिक सुरक्षा और कल्याण की 75 अरब 36 करोड़ 73 लाख 3 हजार रूपए की अनुदान मांग¬ ध्वनिमत से पारित कर दी।

उन्होंने कहा कि समूचे देश में पहले बार राजस्थान नेे सिलिकॉसिस नीति एवं पेंशन प्रावधान कर लक्षित वर्ग को लाभान्वित किया है। जिसमें सिलोकॉसिस पीड़ित की मृत्यु होने पर परिवार को 1500 रुपये प्रतिमाह पेंशन दिये जाने एवं रोग पीड़ित माता-पिता के बच्चों का पालनहार योजना का लाभ दिया जाने का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि देवनारायण योजना में प्रतिवर्ष छात्राओं को एक हजार स्कूटी के स्थान पर 1500 स्कूटी दी जायेगी।

जिसमें एक हजार स्कूटी विभाग द्वारा दी जायेगी। उन्होंने कहा कि सहयोग एवं उपहार योजना में दसवीं से कम योग्यता होने पर कन्या के विवाह पर 20 हजार रुपये एवं 10वीं पास कन्या के विवाह पर 30 हजार रुपये देय है। उन्होंने कहा कि अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज होने के साथ ही सहायता का आवेदन ऑनलाईन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के पॉर्टल पर आ जाएगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पहल करते हुए आर्थिक कमजोर वर्ग के व्यक्तियों को राज्य के अधीन सेवाओं एवं शैक्षणिक संस्थाओं में 10 प्रतिशत आरक्षण दिये जाने के लिए भारत सरकार के सम्पत्ति के मापदण्डों में संशोधित करते हुए राज्य में केवल 8 लाख रुपये आय का ही मापदण्ड रखा है। उन्होंने राजस्थान राज्य आर्थिक पिछड़ा बोर्ड के गठन की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि एमबीसी के व्यक्तियों को राज्य के अधीन सेवाओं एवं शैक्षणिक संस्थाओं में प्रवेश हेतु 5 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है तथा इसमें बंजारा, बालदिया, लबाना, गाडिया लोहार, गाडोलिया, गूजर, गुर्जर, रायका, रैबाकी(देबासी) गडरिया, (गाडरी), गायरी जातियों को शामिल किया गया है।

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सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने मुख्यमंत्री को वित्तीय वर्ष 2020-21 में राज्य के लिए प्रस्तुत बजट प्रस्ताव में भारत रत्न पं. जवाहर लाल नेहरू के नाम से सौ करोड़ रुपये के नेहरू बाल संरक्षण कोष की गठन की घोषणा के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि इस कोष के माध्यम से 18 वर्ष तक आयु वर्ग के बालक-बालिकाओं के अधिकारों के संरक्षण एवं समुचित पुर्नवास के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा सकेगी।

मंत्री भंवरलाल मेघवाल ने बताया कि राज्य में वृद्वावस्था पेंशन योजना में लाभाविन्त पेंशनर्स की संख्या 52 लाख 65 हजार 734 है। एकल नारी सम्मान व विधवा पेंशन में 18 लाख 16 हजार 32 है। इसी प्रकार लघु एवं सीमान्त कृषक पेंशन में 2 लाख 77 हजार 434 है। विशेष योग्यजन योजना में 5 लाख 22 हजार 425 है। लाभाविन्त पेंशनर्स की संख्या इस प्रकार कुल लाभाविन्त पेंशनर्स की संख्या 78 लाख 81 हजार 625 है। जो दिसम्बर 2018 की पेंशनर संख्या से लगभग 13 लाख अधिक है। जहां बैंकिग सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें अपनी पेंशन राशि के आहरण हेतु सभी जिलों में ग्राम पंचायत पर स्थित राजीव गांधी सेवा केन्द्रों पर माह में एक बार बैंकों के प्रतिनिधियों/बिजनेस कोरसपोंडेंट्स की उपस्थिति में पेंशन आहरण एवं वितरण के निर्देश जारी किए गए हैं।