राजस्थान पंचायत चुनाव: खूब दिखा लोकतंत्र का उत्साह, तीसरे चरण में चुनी गई गांव की सरकार

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सर्दी के तीखे तेवर के बीच गांव-ढाणियों के मतदाताओं ने प्रत्याशियों की वोटों से झोली भर दी. तीसरे चरण में गांवों की सरकार के चुनाव को लेकर मतदाताओं में काफी उत्साह देखने को मिला.

जयपुर: लोकतंत्र की पहली सीढ़ी गांवों की सरकार के गठन को लेकर मतदान केंद्रों पर त्यौहार जैसा माहौल देखा गया. सुबह की ठंड भी मतदाताओं के कदमों को नहीं रोक पाई.

गांव की सरकार बनाने के लिए लंबे समय से चली आ रही दौड़-धूप का परिणाम आखिर देर रात तक आ ही गया और जयपुर जिले की तीन पंचायत समितियों की 81 ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों का गांव का मुखिया मिल गया.

सर्दी के तीखे तेवर के बीच गांव-ढाणियों के मतदाताओं ने प्रत्याशियों की वोटों से झोली भर दी. तीसरे चरण में गांवों की सरकार के चुनाव को लेकर मतदाताओं में काफी उत्साह देखने को मिला. मतदान शुरू होने से पहले बूथों पर कतार लग गई. पहला वोट डालने के लिए युवाओं में होड़ मच गई. जिले की कई ग्राम पंचायतों में 90 फीसदी से अधिक मतदान हुआ है. शाम सात बजे से सरपंचों के परिणाम आने शुरू हो गए. कई ग्राम पंचायतों का देर रात परिणाम जारी हुआ. जीत का सेहरा बंधने के बाद सरंपचों के समर्थकों ने आतिशबाजी कर विजय जुलूस भी निकाले.

जयपुर जिले की विराट नगर, झोटवाड़ा और पावटा पंचायत समितियों की 81 ग्राम पंचायतों में मतदान शुरू होने से लेकर मतदान समाप्ति तक मतदाताओं की कतारें देखने को मिली. सुबह 10 बजे तक मतदान का आंकड़ा 16 फीसदी पहुंचा और 12 बजे तक 35 फीसदी लेकिन सूरज चढ़ने के साथ दोपहर 12 से 3 बजे के बीच मतदाताओं की लाइनो ने ये आंकड़ा 65 फीसदी तक पहुंचा दिया और शाम होते होते ये आंकड़ा 82.25 फीसदी तक पहुंच गया.

दिन में कई मतदान केंद्र सूने पड़े रहे
निर्वाचन विभाग के अनुसार झोटवाड़ा पंचायत समिति में 82.64 फीसदी, पावटा में 81.71 फीसदी और विराटनगर में 82.52 फीसदी मतदान प्रतिशत रहा. हालांकि बसंत पंचमी का अबूझ सावा होने के कारण प्रथम और द्वितीय चरण में हुई वोटिंग जैसा माहौल इस बार नहीं देखने को मिला. शादी में जाने वाले लोगों ने ही सुबह मतदान केंद्रों पर पहुंचकर अपने मत का प्रयोग किया. वहीं, दिन में कई मतदान केंद्र सूने पड़े रहे. राज्य निर्वाचन आयोग आयुक्त प्रेम सिंह मेहरा ने भी जयपुर की ग्राम पंचायतों में निरीक्षण कर वोटर से बातचीत की.

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दूल्हा-दुल्हन ने भी डाला वोट
लोकतंत्र के उत्सव में दूल्हा-दुल्हन से लेकर फर्स्ट टाइम वोटर और शतायु पार कर चुके बुजुर्गों ने भी वोट देकर अपनी भागीदारी निभाई. दूल्हे ने जहां घोड़ी पर चढ़ने से पहले चुनावी शादी में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. वहीं, दुल्हन ने अपने घर से विदाई लेने से पहले अपना वोट कास्ट किया. शतायु पार कर चुके झोटवाड़ा पंचायत समिति की नीमेड़ा ग्राम पंचायत के मतदान केंद्र पर वृद्ध दम्पति प्रभाती देवी और लादूराम ने अपने मत का प्रयोग किया और 100 वर्ष से भी अधिक उम्र के मतदाता नाथू झोटवाड़ा पंचायत समिति की मूण्डिया रामसर ग्राम पंचायत के मतदान केंद्र पर मतदान किया.

फर्स्ट टाइम वोटर्स में भी दिखा उत्साह 
बुजुर्ग मतदाता भी अपने परिवार के किसी न किसी सदस्य के सहारे मतदान केंद्र पर पहुंचे और गांव की सरकार चुनने में अपनी मुहर लगाई. फर्स्ट टाइम वोटर का उत्साह देखते ही बना झोटवाड़ा पंचायत समिति की नीमेड़ा ग्राम पंचायत के मतदान केंद्र पर गीता चौधरी और सुशीला चौधरी का उन्होंने गांव के मुखिया के लिए मतदान किया है. आगे भी वोट करने का उन्हें अवसर मिलता रहेगा लेकिन पहली बार वोट करने की खुशी बहुत है. गांव के अंदर मूलभूत सुविधाओं का आज भी अभाव है ढाणियों में सड़के नहीं है नलों में पानी नहीं है और गंदी गलियों से ग्रामीणों को गुजरना पड़ता है. उम्मीद है कि मतदाता ने तो वोट देकर तकदीर का फैसला कर दिया लेकिन अब गांव का नया मुखिया है. शायद गांव की तस्वीर को भी बदले.

बहरहाल, चुनावी अखाड़े में विजेता का फैसला हो गया है गांव में सरकार चुन ली गई है ग्रामीणों को नया मुखिया मिल गया है. दावे और वादे भी किए गए लेकिन अब ग्रामीणों को उम्मीद है पिछले मुखिया ने जो काम नहीं किए, जिन वादों पर खरा नहीं उतरा शायद अब नया मुखिया वह काम करेगा. गांव की तस्वीर भी आने वाले समय में बदलती हुई नजर आएगी.