राजस्थान में सार्वजनिक स्थल 31 मार्च तक बंद, 50 से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी

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जयपु: मुख्यमंत्रीअशोक गहलोत ने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए भारत सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी और दिशा-निर्देशों के क्रम में प्रदेश में सभी सार्वजनिक स्थलों पर 50 से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए हैं। यह प्रतिबंध फिलहाल 31 मार्च तक लागू रहेगा और उसके बाद स्थिति की समीक्षा कर समुचित निर्णय लिया जाएगा।

गहलोत ने सोमवार को देर रात्रि मुख्यमंत्री निवास पर कोरोना के संक्रमण की स्थिति की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक में कहा कि संक्रमण का रोकथाम ही इस बीमारी से सर्वोत्तम बचाव है। उन्होंने कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए बड़े रूप में जन-जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चीन, इटली, ईरान और अमेरिका में इस बीमारी के अनुभव से यह पता चला है कि शुरूआती दौर में कोरोना वायरस का संक्रमण धीरे-धीरे फैलता रहता है और फिर अचानक संक्रमित लोगों की संख्या और इससे होने वाली मौतों की संख्या एकदम बढ़ जाती है। ऐसे में, कोरोना के संक्रमण को अनियंत्रित होने से रोकना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस विषय पर लगातार संवेदनशील है और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए सभी एतिहाती कदम उठा रही है।

गहलोत ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन तथा संयुक्त राष्ट्र सहित विभिन्न देशों में इस बीमारी से लड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों से सबक लेते हुए यह आवश्यक है कि लोग भीड़-भाड़ से बचें तथा बहुत अधिक आवश्यक होने पर सार्वजनिक स्थलों पर जाएं। उन्होंने कहा कि इस क्रम में राज्य सरकार ने प्रदेश में सभी पर्यटन स्थलों, संग्रहालयों, ऐतिहासिक इमारतों, किलों, सार्वजनिक मेलों, पशु हटवाड़ों, पार्क, खेल मैदानों आदि में लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है।

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मुख्यमंत्री नेे अधिकारियों से कहा कि वे आमजन की जागरूकता और समझाइश के लिए लगातार एडवाइजरी जारी करें तथा लोगों को भयभीत नहीं होने और लगातार सचेत रहने की सलाह दें। अधिकारियों ने श्री गहलोत को अवगत कराया कि फिलहाल राज्य में कोरोना वायरस के संक्रमण की स्थिति नियंत्रण में है और लगातार एतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।

बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग, मुख्य सचिव डी.बी. गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य रोहित कुमार सिंह, सचिव चिकित्सा शिक्षा वैभव गालरिया, मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन नरेश ठकराल, आयुक्त सूचना एवं जनसम्पर्क महेन्द्र सोनी, राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजाबाबू पंवार, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिन्सिपल डॉ. सुधीर भण्डारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।