टैक्स से जुड़ी इस योजना का अभी तक लाखों लोग उठा चुके हैं फायदा, जानिए इससे जुड़े सभी सवालों के जवाब

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नई दिल्ली : टैक्स माफी एवं विवाद समाधान योजना ‘सबका विश्वास’ (Sabka Vishwas Scheme 2020) के तहत पात्र टैक्सपेयर्स में से 87.5 फीसदी ने ही अब तक इसका लाभ उठाया है. इसका फायदा उठाने में वालों में ज्यादातर छोटे टैक्सपेयर्स हैं जबकि बड़े टैक्सपेयर्स ने अभी तक इससे दूरी बना रखी है. योजना की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 15 जनवरी किया गया है. सूत्रों ने बताया कि योजना की शर्तों के तहत पात्र टैक्सपेयर्स में बड़े टैक्सपेयर्स की संख्या 12.5 फीसदी है. इनसे संबंधित मामलों  (Income Tax Case) में 1.7 लाख करोड़ रुपये का कर मुकदमेबाजी में फंसा हुआ है लेकिन ऐसे करदाताओं ने योजना के तहत कोई घोषणा नहीं की है.

सूत्रों ने बताया कि सरकार अब इस योजना को और आगे नहीं बढ़ाएगी. योजना एक सितंबर, 2019 को शुरू हुई थी. अब तक 1.84 लाख पात्र करदाताओं में से 87.5 प्रतिशत यानी 1,61,214 ने इस योजना का लाभ उठा चुके हैं.

योजना के नियमों के तहत विभिन्न प्रकार की राहत और छूट पाने के बाद इन करदाताओं ने 79,968 करोड़ रुपये के कर बकाये की घोषणा की है. 23,000 यानी 12.5 फीसदी टैक्सपेयर्स ने इस योजना के तहत कोई घोषणा नहीं की है. ज्यादातर छोटे करदाताओं ने योजना का लाभ लिया है.

सूत्रों ने बताया कि योजना का लाभ नहीं लेने वालों में ज्यादातर बड़े टैक्सपेयर्स शामिल हैं. इस तरह के 7,100 मामलों में 1.7 लाख करोड़ रुपये मुकदमेबाजी में फंसे हैं. सूत्रों ने बताया कि टैक्स अधिकारी टैक्सपेयर्स से 15 जनवरी तक योजना का लाभ लेने को कह रहे हैं क्योंकि इस योजना को और आगे नहीं बढ़ाया जाएगा.

आइए जानें सबका विश्वास स्कीम के बारे में सबकुछ…

(1) सवाल-क्या है सबका विश्वास स्कीम?जवाब-CGST & Central Excise की चीफ कमीश्नर संगीता शर्मा बताती है कि ये स्कीम नहीं, बल्कि टैक्सपेयर के पास बड़ा मौका आया है. ये स्कीम टैक्स विवाद की हर दिक्कतों का समाधान है. स्कीम में पुराना बकाया डिस्क्लोजर का मौका देता है. इस स्कीम को अलग-अलग 2 थ्रेसहोल्ड में बांटा गया है. 50 लाख तक के स्लैब में 70 फीसदी तक टैक्स छूट है जबकि 50 लाख तक स्लैब में सिर्फ 30% टैक्स लगेगा.

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(2) सवाल- सबका विश्वास स्कीम से जुड़ी प्रक्रिया क्या है?

जवाब- संगीता शर्मा का कहना है कि स्कीम में टैक्स अधिकारी से इंटरफेस नहीं है. cbic-gst.gov.in वेबसाइट पर पूरी प्रक्रिया है.इस स्कीम के तहत टैक्सपेयर को वेबसाइट पर फॉर्म भरना होगा. भरते वक्त फॉर्म ऑटोमैटिक गाइड करेगा. अंत में खुद लायबिलिटी कैटेगरी तय होगी. प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभाग इसकी जांच करेगा.

दोनों कैटेगरी के लिए 2 अलग-अलग कमिटी बनाई गई है. कैटेगरी के मुताबिक लायबिलिटी की जांच होगी. फाइल से ऑनलाइन डिस्क्लोजर का मिलान होगा. ज्यादा लायबिलिटी पर पर्सनल सुनवाई की व्यवस्था की गई है.

(3) सवाल- कोर्ट में गए टैक्सपेयर्स मामलों में क्या होगा?
जवाब-
इस पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस स्कीम के तहत कोर्ट में गए टैक्सपेयर्स के लिए भी रास्ते खुले है. उन टैक्सपेयर को मामला वापस लेने के लिए अंडरटेकिंग देनी होगी. कोर्ट में गए टैक्सपेयर्स को अंडरटेकिंग के साथ स्कीम का फायदा मिलेगा.उन्होंने बताया कि टैक्सपेयर को आगे मुकदमा नहीं करने की अंडरटेकिंग देनी होगी.

(4) सवाल- जिन केस में टैक्स विभाग कोर्ट में गया है, वहां क्या होगा?
जवाब- इस सवाल पर उनका कहना है कि टैक्स विभाग के कोर्ट में गए मामलों में दिक्कत है. विभाग को मामलों में पीछे हटने की छूट नहीं है. इन मामलों में Amnesty स्कीम हो सकती है, पर छूट नहीं है.

(5) सवाल- किन-किन टैक्स कैटेगरी में छूट मिलेगी?
जवाब- इस सवाल पर इनका कहना है कि इस स्कीम में एक्साइज, सर्विस टैक्स के साथ सेस भी शामिल है. जिन पर छूट नहीं वो डिक्लेयर किया गया है. टोबैको आइटम छूट में शामिल नहीं होंगी. Prosecution के किसी भी Proceeding पर छूट नहीं है. गलत रिफंड पर नोटिस होने पर छूट नहीं होगी. साथ ही सेटलमेंट कमीशन से सेटल मामले में छूट नहीं मिलेगी. फॉर्म-1 भरते वक्त सभी जानकारी मिलेगी.

(6) सवाल- क्या सबका विश्वास स्कीम को आगे बढ़ाया जाएगा?
जवाब- 
उन्होंने आगे कहा कि स्कीम को आगे बढ़ाने की कोई संभावना नहीं है. पुराने मुद्दों को निपटाने का अभी सही मौका है. हमें पुराने मुद्दे निपटाकर GST की तरफ बढ़ना होगा.