सरपंच चुनाव 2020: ‘अलमारी’ के चक्कर में पंचायत चुनाव में कूदे 3 पिता-पुत्र

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बूंदी. राजस्थान में पंचायतीराज आम चुनाव 2020 (Panchayatiraj Elections 2020) के तहत तीसरे चरण में बूंदी जिले के तालेड़ा पंचायत समिति के लक्ष्मीपुरा में सरपंच-पंच चुनाव होना है. 29 जनवरी को इसके लिए मतदान होना है और प्रत्याशी अपने प्रचार में पूरा दमखम लगाए है. इस चुनाव में खास चर्चा का विषय बने हैं एक ही परिवार के 3 प्रत्याशी, इनमें एक पिता है और दो पुत्र. ये तीनों ही अपने-अपने प्रचार में जुटे हैं. दरअसल, तीनों पिता-पुत्रों के चुनाव मैदान में उतरने के पीछे का एक रौचक किस्सा सामने आया है. एसटी के लिए आरक्षित लक्ष्मीपुरा (lakshmipura) ग्रामपंचायत में सरपंच का चुनाव लड़ रहे 9 प्रत्याशियों में पिता गोमदा भील और उसके दो पुत्र रामदेव और प्रहलाद भी शामिल हैं. इन तीनों के मैदान में उतरने के पीछे लकी चुनाव चिन्ह अलमारी बताया जा रहा है. अगली स्लाइड्स में पढ़ें, जिस अलमारी के लिए खड़े हुए पिता-पुत्र की क्या है कहानी?

लक्ष्मीपुरा पंचायत में 20 साल से वही उम्मीदवार सरपंच बनता आया है जिसका चुनाव चिन्ह अलमारी रहा है. इसी अलमारी के चिंह को हासिल करने के लिए पंचायत के गांव देवरिया निवासी पिता गोमदा भील, बड़े बेटे रामदेव भील, छोटे बेटे प्रहलाद भील ने नामांकन दाखिल किया. (फोटो-गोमदा भील)

नामांकन दाखिल करने के बाद भी तीनों में से किसी एक को भी आलमारी चुनाव चिन्ह नहीं मिला. दरअसल, उनके गांव देवरिया का धन्नालाल भील भी सरपंच चुनाव में खड़े हुए. धन्नालाल और गोमदा भील के परिवारों के बीच 36 का आंकड़ा है. (फोटो-रामदेव भील),लेकिन अल्फाबेट के आधार पर उन्हीं के गांव देवरिया के धनराज भील को अलमारी चिन्ह मिला. (फोटो-प्रहलाद भील),आलमारी का लक्की चुनाव चिह्न नहीं मिलने से पिता और दोनों पुत्र निराश हैं लेकिन अब गोमदा और छोटे पुत्र प्रहलाद ने तय किया कि वे चुनावी मैदान में रहने के बावजूद बड़े बेटे रामदेव का चुनाव प्रचार कर उसे जीताने का प्रयास करेंगे.

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