टहनी ने बचाई जान, लहरों से खेलना पड़ा भारी, 1 KM बाद मिला, प्रतापगढ़ में नाले में बहा युवक

0
25
प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश के कारण नदी नाले उफान पर है. लेकिन लोग प्रशासन की चेतावनी को अनसुना कर पानी के बहाव में उतरकर खतरनाक स्टंट करने से नहीं चूक रहे हैं.

प्रतापगढ़. प्रदेश में इन दिनों मानसून की सक्रियता के चलते कई इलाकों में हो रही भारी बारिश के कारण नदी नाले उफान पर हैं. पुलिस-प्रशासन के तमाम दिशा निर्देशों के बावजूद लोग पानी के तेज बहाव में उतरने से नहीं चूक रहे हैं. इसके चक्कर में कई लोग अपनी जान गवां चुके हैं वहीं कई बहादुरी के चक्कर में खुद और प्रशासन को सांसत में डाल चुके हैं. ऐसा ही एक मामला प्रतापगढ़ जिले में सामने आया है. एक युवक का लहरों से खेलने के खतरनाक स्टंट का वीडियो अब सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है.

युवक के स्टंट पर लोग तालियां बजा रहे थे और वीडियो बना रहे थे
जानकारी के अनुसार वाकया तीन दिन पहले का बताया जा रहा है. जिले में हाल ही अच्छी बारिश हुई है, जिससे नदी नाले उफान मार रहे हैं. 24 अगस्त को यहां एक नाले में उफान में मार रही लहरों के खतरे से खेलने के चक्कर में एक युवक की जान पर बन आई. पानमोड़ी ग्राम पंचायत के सेमलोपुर खेड़ा गांव का 25 साल का रोड़ीलाल मीणा गांव के पास ही तेज गति से बह रहे बरसाती नाले की लहरों स्टंट कर रहा था. वह नाले के दोनों छोर पर रस्सी बांधकर पूरे वेग से बह रहे पानी को पार करने की कोशिश कर रहा था. इस दौरान वहां खड़े लोग तालियां बजा रहे थे और वीडियो बना रहे थे.

READ More...  कोटा पंचायत चुनाव 2020: व्हील चेयर से वोट डालने पहुंची 100 साल की बुजुर्ग महिला

पेड़ की टहनी ने बचाई युवक की जान
युवक ने आधे से अधिक रास्ता तो पार कर लिया कर लिया, लेकिन तेज बहाव के कारण अचानक उसके हाथ से रस्सी छूट गई और वह पानी में बह गया. युवक के बहने के बाद लोग भी बहाव के साथ-साथ दौड़े, लेकिन युवक पानी के तेज बहाव में खो गया. इससे युवक के स्टंट पर तालियां बजा रहे ग्रामीणों के होश फाख्ता हो गये. करीब एक किलोमीटर तक बहने के बाद किस्मत से युवक के हाथ में एक पेड़ की टहनी आ गई. उसने उसे कस कर पकड़ लिया और जैसे-तैसे करके नाले से बाहर निकला. तब जाकर उसकी जान में जान आई.

प्रशासन की चेतावनी को लोग करते हैं अनसुना
उल्लेखनीय है कि बारिश के मौसम में राजस्थान के दक्षिणी इलाके में बड़ी संख्या में नदी नाले रास्तों को अवरुद्ध कर देते हैं. इसके कारण प्रशासन बार-बार चेतावनी भी जारी करता है कि पानी के बहाव में उतरकर रास्ता पार नहीं करें. लेकिन लोग उसे अनुसुनी कर खुद की जान तो सांसत में डालते ही हैं, प्रशासन के लिये भी आफत खड़ी कर देते हैं.